डीईओ ऑफिस में आग से छत्तीसगढ़ की राजनीति गरम, भाजपा ने कहा भ्रष्टाचार छुपाने की साजिश तो कांग्रेस ने किया पलटवार

भाजपा (BJP) की ओर से रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने इस आगजनी को साजिश (Conspiracy) करार दिया है।

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  • Updated On - January 20, 2026 / 11:00 PM IST

रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ – DEO) कार्यालय में लगी आग के मामले ने अब सियासी (Political) रूप ले लिया है। 17 जनवरी की रात डीईओ कार्यालय के एक भवन में अचानक भीषण आग (Fire) लग गई, जिसमें कई वर्षों के महत्वपूर्ण दस्तावेज (Documents) जलकर खाक हो गए। घटना के बाद प्रशासन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति (Three Member Committee) का गठन कर दिया है और जांच प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन आग की गर्माहट अब राज्य की राजनीति में भी साफ दिखाई दे रही है।

भाजपा (BJP) की ओर से रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने इस आगजनी को साजिश (Conspiracy) करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस (Congress) ने अपने पांच साल के भ्रष्टाचार (Corruption) को छुपाने के लिए जानबूझकर डीईओ कार्यालय में आग लगवाई। विधायक का कहना है कि इस एंगल से भी जांच होनी चाहिए कि कहीं यह आग जानबूझकर तो नहीं लगाई गई। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेसी खुद आग लगाकर अब भ्रष्टाचार को लेकर हंगामा कर रहे हैं।

वहीं भाजपा के इन आरोपों पर कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा नेता कांग्रेस फोबिया (Congress Phobia) से ग्रसित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने ही भ्रष्टाचार और नाकामियों को छुपाने के लिए कांग्रेस पर बेबुनियाद (Baseless) आरोप लगा रही है।

कांग्रेस ने भाजपा विधायक को पुरानी घटना की भी याद दिलाई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कुछ समय पहले भाजपा नेताओं पर 1500 करोड़ रुपये के लेन-देन (Transaction) से जुड़ा एक वीडियो सामने आया था, जिसे लेकर भी कांग्रेस पर आरोप लगाए गए थे, लेकिन जांच में यह मामला भाजपा से जुड़ा निकला। ऐसे में डीईओ कार्यालय में लगी आग के मामले में भी निष्पक्ष (Fair) और गंभीर जांच जरूरी है।

फिलहाल सवाल यही है कि डीईओ कार्यालय में आग कैसे लगी, यह हादसा (Accident) था या किसी साजिश का हिस्सा। इन सभी सवालों के जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन अभी इस घटना ने छत्तीसगढ़ की राजनीति का पारा (Political Temperature) पूरी तरह से गरमा दिया है।