हेलो, धीरे चलो’ की आवाज से हाथियों को जंगल लौटाया, रायगढ़ में अनोखी पहल

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की पहल का उद्देश्य इंसान और हाथियों के बीच टकराव को कम करना है।

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  • Updated On - April 14, 2026 / 11:50 AM IST

रायगढ़, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में इंसान और वन्यजीव (wildlife) के बीच तालमेल (coordination) की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली, जहां भटके हुए हाथियों के झुंड को मानव आवाज (human voices) के जरिए सुरक्षित तरीके से वापस जंगल (forest) की ओर भेजा गया। यह घटना उस समय हुई जब हाथियों का झुंड आबादी वाले इलाके में पहुंच गया, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया।

वन विभाग की टीम और स्थानीय लोगों ने मिलकर शांत और सावधानीपूर्वक तरीके से हाथियों को रास्ता दिखाया। इस दौरान ‘हेलो, धीरे चलो’ जैसी नरम आवाजों का उपयोग किया गया, ताकि हाथियों को बिना डराए धीरे-धीरे जंगल की ओर ले जाया जा सके। पूरी प्रक्रिया में किसी तरह की जबरदस्ती या हिंसा का इस्तेमाल नहीं किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की पहल का उद्देश्य इंसान और हाथियों के बीच टकराव को कम करना है। शांत आवाजों के जरिए हाथियों को नियंत्रित करना एक सुरक्षित और मानवीय तरीका माना जा रहा है, जिससे न तो जानवरों को नुकसान होता है और न ही लोगों की सुरक्षा को खतरा होता है।

रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में अक्सर हाथियों के गांवों में घुसने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इसके पीछे जंगलों का कम होना और भोजन की तलाश मुख्य कारण माने जाते हैं। ऐसे में इस तरह के प्रयास भविष्य में मानव-हाथी संघर्ष को कम करने में सहायक साबित हो सकते हैं।