DSP-कारोबारी विवाद में बड़ा खुलासा, 1400 पन्नों की जांच रिपोर्ट गृह विभाग पहुंची

By : hashtagu, Last Updated : January 20, 2026 | 2:01 pm

रायपुर, छत्तीसगढ़।
रायपुर के होटल कारोबारी दीपक टंडन और दंतेवाड़ा की DSP कल्पना वर्मा के बीच चले आ रहे विवाद की जांच रिपोर्ट छत्तीसगढ़ गृह विभाग को सौंप दी गई है। करीब 30 दिन तक चली जांच के बाद तैयार की गई यह रिपोर्ट लगभग 1,400 पन्नों की है, जिसमें महिला DSP पर कारोबारी से बड़ी रकम, महंगे गिफ्ट लेने और वॉट्सऐप चैट (WhatsApp Chat) के जरिए खुफिया जानकारी साझा करने जैसे गंभीर आरोपों का जिक्र किया गया है।

ASP तारकेश्वर पेटल के नेतृत्व में गठित जांच टीम ने कारोबारी दीपक टंडन द्वारा लगाए गए आरोपों और DSP कल्पना वर्मा के परिजनों की ओर से दर्ज कराई गई शिकायतों की भी गहराई से जांच की। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि DSP और कारोबारी के बीच हुई चैट में पुलिस विभाग से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं (Confidential Information) साझा की गईं, जिनमें नक्सल गतिविधियों, सुरक्षा बलों की तैनाती और ऑपरेशन से जुड़े इनपुट शामिल बताए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन चैट्स में 3 IPS अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनसे जुड़ी जानकारियां लीक होने का दावा किया गया है।

जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि इस तरह की संवेदनशील जानकारी का लीक होना राज्य की आंतरिक सुरक्षा (Internal Security) के लिए गंभीर खतरा है। इसी वजह से इस पूरे मामले को लेकर उच्च स्तर पर रिपोर्ट तलब की गई थी, जिसे गोपनीय रखा गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है, जहां अब आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

कारोबारी दीपक टंडन ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 से महिला DSP ने कथित तौर पर ‘लव ट्रैप’ के जरिए उससे करीब 2.5 करोड़ रुपए की वसूली की। आरोपों में करीब 2 करोड़ रुपए नकद, एक लग्जरी कार, 12 लाख रुपए की डायमंड रिंग, 5 लाख रुपए के सोने के गहने और अन्य महंगे गिफ्ट शामिल बताए गए हैं। कारोबारी का यह भी कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कार और गहने अब तक उसे वापस नहीं मिले हैं, जिससे उसे करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है।

जांच में यह बात भी सामने आई है कि DSP कल्पना वर्मा ने अपने भाई के नाम पर होटल खोलने के बहाने कारोबारी से पैसे लिए। इस पहलू पर अलग से विस्तृत जांच की मांग की जा रही है। रिपोर्ट में वित्तीय लेन-देन (Financial Transactions), बैंक ट्रांजेक्शन और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की गई है।

वहीं, महिला DSP कल्पना वर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें झूठा, बेबुनियाद और साजिश बताया है। उनका कहना है कि वे जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग कर रही हैं और सच्चाई सामने आएगी। DSP का दावा है कि उन्हें बदनाम करने की नीयत से यह पूरा मामला रचा गया है।