रायपुर: रायपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में लगी भीषण आग के मामले में राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। आग लगने के कारणों का पता लगाने और यह स्पष्ट करने के लिए कि आग हादसा थी या साजिश, सरकार ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर 5 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
यह घटना शनिवार रात करीब 10:10 बजे रायपुर स्थित DEO कार्यालय परिसर के भंडार कक्ष में हुई, जहां अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें लगभग एक किलोमीटर दूर से दिखाई दीं, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
हालांकि तब तक विभाग को भारी नुकसान हो चुका था। भंडार कक्ष में रखे शिक्षा विभाग के कई अहम दस्तावेज आग की भेंट चढ़ गए। इनमें शिक्षकों के सर्विस रिकॉर्ड, निजी स्कूलों की मान्यता से जुड़े कागजात, मध्याह्न भोजन योजना की फाइलें, छात्रवृत्ति से संबंधित दस्तावेज और सरकारी स्कूलों के अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख शामिल बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद इस बात की आशंका भी जताई जा रही है कि किसी घोटाले या अनियमितता को छिपाने के उद्देश्य से जानबूझकर आग लगाई गई हो। इसी संदेह को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, शिक्षा विभाग स्तर पर विभागीय जांच के संकेत भी मिल रहे हैं।
जांच समिति की अध्यक्षता संभागीय संयुक्त संचालक संजय श्रीवास्तव को सौंपी गई है, जबकि सहायक संचालक बजरंग प्रजापति और सतीश नायर को समिति का सदस्य बनाया गया है। समिति आग लगने की वजह, नुकसान का आकलन और जिम्मेदारों की भूमिका की जांच कर अपनी रिपोर्ट तय समयसीमा में सरकार को सौंपेगी।