धान की बोरियों पर मोटर पंप से डाला गया पानी, वीडियो वायरल होते ही FIR, 4 कर्मचारी बर्खास्त

जानकारी के अनुसार रायपुर जिले के आरंग स्थित भलेरा धान खरीदी केंद्र में बड़ी मात्रा में धान का भंडारण किया गया था। इसी दौरान एक कर्मचारी मोटर पंप और पाइप के जरिए धान की बोरियों पर पानी डालकर उन्हें भिगो रहा था

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  • Publish Date - March 7, 2026 / 03:51 PM IST

रायपुर (छत्तीसगढ़): रायपुर जिले के आरंग क्षेत्र स्थित भलेरा धान खरीदी केंद्र में धान (Paddy) की बोरियों (Sacks) पर मोटर पंप (Motor Pump) से पानी डालकर उन्हें जानबूझकर भिगोने (Wet) का मामला सामने आया है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों और किसानों में भारी नाराजगी फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें धान में नमी (Moisture) बढ़ाए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया और उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार रायपुर जिले के आरंग स्थित भलेरा धान खरीदी केंद्र में बड़ी मात्रा में धान का भंडारण किया गया था। इसी दौरान एक कर्मचारी मोटर पंप और पाइप के जरिए धान की बोरियों पर पानी डालकर उन्हें भिगो रहा था। इस घटना का किसी व्यक्ति ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद आसपास के गांवों के किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।

वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में किसान खरीदी केंद्र पहुंचे और जमकर हंगामा किया। गुस्साए किसानों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की और ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया और रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह के निर्देश पर मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई।

जांच समिति ने मौके पर पहुंचकर धान के भंडारण का भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान करीब 10,500 बोरी धान नमी से प्रभावित पाई गई। मौके पर ही पंचनामा तैयार किया गया और पूरी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई। जांच में यह भी सामने आया कि धान पर पानी डालने की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ शासन की धान उपार्जन नीति 2025–26 के नियमों के पूरी तरह विपरीत है।

जांच रिपोर्ट में समिति के प्रभारी प्रबंधक विष्णु साहू, लिपिकीय सहायक उमेश कुमार साहू, प्रोसेस सर्वर इंदरमन निषाद और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी जितेंद्र कुमार साहू की लापरवाही और जिम्मेदारी सामने आई। प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए चारों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया।

जांच पूरी होने के बाद उप आयुक्त सहकारिता ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि सरकारी धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दिन के समय एक कर्मचारी मोटर पंप और पाइप की मदद से धान की बोरियों पर पानी डाल रहा है और एक-एक कर सैकड़ों बोरी धान को भिगो रहा है। इस घटना के बाद यह आशंका भी जताई जा रही है कि धान में कृत्रिम रूप से नमी बढ़ाकर उसे खराब दिखाने और बाद में किसी तरह का फर्जीवाड़ा करने की कोशिश की जा रही थी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।

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