सचिन पायलट का बीजेपी पर बड़ा हमला, बोले- कांग्रेस शिविर की चिंता छोड़ अपनी अंदरूनी कलह संभाले

रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि राहुल गांधी की सोच के अनुरूप कांग्रेस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के अभियान में जुटी हुई है।

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  • Publish Date - June 25, 2026 / 02:00 PM IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी को कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविरों की चिंता छोड़कर अपनी सरकार और संगठन के भीतर चल रही खींचतान पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 135 साल पुरानी पार्टी है और संगठन को मजबूत करने के लिए नए जिला अध्यक्षों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को लगातार प्रशिक्षित किया जा रहा है।

रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि राहुल गांधी की सोच के अनुरूप कांग्रेस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के अभियान में जुटी हुई है। इसी उद्देश्य से देश के कई राज्यों में 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जा रही है, ताकि कार्यकर्ता जनता के बीच प्रभावी ढंग से अपनी बात रख सकें।

पायलट ने कहा कि कांग्रेस इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से भाजपा सरकार की नीतियों, कथित झूठे वादों और जनविरोधी फैसलों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति भी तैयार कर रही है। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता अब भाजपा की नीतियों से परेशान है और कांग्रेस जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी।

राम मंदिर निर्माण के लिए मिले दान में कथित गड़बड़ी और करोड़ों रुपये की हेराफेरी के आरोपों को लेकर भी पायलट ने भाजपा को घेरा। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषी चाहे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारों ने अब तक इस मामले में कोई ठोस जांच नहीं कराई है। भाजपा भगवान के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन जब सवाल जवाबदेही का आता है तो आरोपों पर चुप्पी साध लेती है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिजनों के नाम कथित जमीन खरीद मामले का जिक्र करते हुए सचिन पायलट ने निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार और नैतिकता के मामलों में दोहरे मापदंड अपनाती है। “न खाऊंगा, न खाने दूंगा” का दावा करने वाली पार्टी को अपने नेताओं पर लगे आरोपों को लेकर स्पष्ट जवाब देना चाहिए और जांच से नहीं बचना चाहिए।

केंद्रीय जांच एजेंसियों के मुद्दे पर भी पायलट ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता (Transparency), जवाबदेही (Accountability) और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता बेहद जरूरी है। राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से संस्थाओं का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

सचिन पायलट ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी ताकत होती है और अंततः सत्य तथा जनता की आवाज की ही जीत होती है। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस संगठन को मजबूत कर आगामी चुनावों में जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी।