रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने VB-G RAM G कानून को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि इस नए अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों तक रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी और मजदूरी का भुगतान 7 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि यह कानून विकसित भारत और विकसित गांव की परिकल्पना को साकार करने के लिए लाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक मनरेगा के तहत ग्रामीणों को 100 दिन का रोजगार मिलता था, लेकिन VB-G RAM G अधिनियम के लागू होने से रोजगार के दिन बढ़कर 125 हो जाएंगे। इससे मजदूरों की आय में सीधा इजाफा होगा। उन्होंने बताया कि अब मजदूरी भुगतान में देरी नहीं होगी और यदि 7 दिन के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो मजदूरों को अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जिसे ब्याज के रूप में जोड़ा जाएगा।
सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाया गया विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025 ग्रामीण भारत के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। यह अधिनियम गांवों के समग्र विकास के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह कानून किसानों, मजदूरों और गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2014 का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पहले संसदीय भाषण में ही स्पष्ट कर दिया था कि उनकी सरकार गरीबों को समर्पित रहेगी। उसी सोच के तहत बिजली, शौचालय, आवास, जनधन खाते और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं देशभर में लागू की गईं।
सीएम साय ने कहा कि VB-G RAM G अधिनियम मनरेगा का उन्नत, अधिक प्रभावी और पारदर्शी स्वरूप है। इसमें कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए यह प्रावधान भी किया गया है कि बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक अन्य कार्य रोके जा सकेंगे, ताकि किसानों को पर्याप्त मजदूर मिल सकें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाले पलायन पर भी रोक लगेगी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा में सामने आने वाली फर्जी मास्टर रोल, मशीनों के उपयोग और धांधली जैसी शिकायतें इस नए कानून से खत्म होंगी। अधिनियम में जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन पर विशेष फोकस किया गया है। इसके साथ ही कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कौशल विकास को भी इससे नई मजबूती मिलेगी।