दक्षिण बस्तर में 51 माओवादियों का आत्मसमर्पण, शांति और विकास की ओर बड़ा कदम: मुख्यमंत्री साय

उन्होंने कहा कि यह आत्मसमर्पण बस्तर में शांति स्थापना के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों का ठोस और सकारात्मक परिणाम है।

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  • Updated On - February 7, 2026 / 08:01 PM IST

बस्तर: छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल (Bastar Region) में शांति (Peace), विश्वास (Trust) और विकास (Development) की दिशा में एक और बड़ी सफलता सामने आई है। जिला बीजापुर और सुकमा में कुल 51 माओवादी कैडरों (Maoist Cadres) ने राज्य सरकार की पुनर्वास आधारित पहल “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” (Puna Margem Rehabilitation Policy) के तहत आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा (Mainstream) में लौटने का फैसला लिया है। इनमें बीजापुर के 30 और सुकमा के 21 माओवादी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर कुल 1.61 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हथियार छोड़कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सुरक्षा, सुशासन और समावेशी प्रगति ही किसी भी क्षेत्र के दीर्घकालिक भविष्य की मजबूत नींव होती है। उन्होंने कहा कि यह आत्मसमर्पण बस्तर में शांति स्थापना के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों का ठोस और सकारात्मक परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों में बस्तर के दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है। इन विकास कार्यों के कारण भटके हुए युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक जीवन से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार की सुशासन आधारित नीति का केंद्र सुरक्षा के साथ-साथ विश्वास, पुनर्वास और भविष्य की संभावनाओं का निर्माण है। आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं के पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए सरकार की ओर से हर जरूरी सहयोग दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प और राज्य सरकार के सतत प्रयासों के चलते बस्तर अब भय और हिंसा से बाहर निकलकर विकास, विश्वास और नए अवसरों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में बस्तर एक शांत, विकसित और समृद्ध क्षेत्र के रूप में देश के सामने नई पहचान स्थापित करेगा।