दिल्ली अगर आप नींद (sleep) की कमी और याददाश्त (memory) कमजोर होने की समस्या से परेशान हैं, तो ब्राह्मी दूध (Brahmi milk) आपकी मदद कर सकता है। आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर ब्राह्मी को दूध के साथ कुछ खास तरीके से रोज़ाना सेवन करने से शरीर और मस्तिष्क दोनों को लाभ मिलता है।
ब्राह्मी में एंटीऑक्सिडेंट (antioxidant) और न्यूरोट्रॉपिक (neurotropic) गुण होते हैं, जो मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बेहतर बनाते हैं और तनाव को कम करने में मदद करते हैं। दूध के साथ ब्राह्मी का सेवन नींद को गहरा और आरामदायक बनाता है और याददाश्त सुधारने में सहायक होता है।
ब्राह्मी दूध बनाने का तरीका आसान है। पहले ब्राह्मी को हल्का भूनकर दूध में मिलाएँ और मध्यम आँच पर गर्म करें। स्वाद अनुसार शहद या गुड़ भी मिलाया जा सकता है। इसे रोज़ाना रात को सोने से पहले पीना सबसे ज़्यादा फायदेमंद माना जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार ब्राह्मी दूध के नियमित सेवन से मानसिक तनाव कम होता है, ध्यान (focus) में सुधार आता है और सोने में आसानी होती है। यह खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी है जिन्हें नींद न आने या याददाश्त कमजोर होने की समस्या रहती है।
हालाँकि, जिन्हें किसी औषधि या पौधे से एलर्जी है या कोई चिकित्सीय इलाज चल रहा है, उन्हें पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है।