बदलते मौसम में मूंग दाल का चीला फायदेमंद, लेकिन खाने का समय भी मायने रखता है

मूंग दाल का चीला खाने में स्वादिष्ट के साथ-साथ न्यूट्रिशन से भरपूर होता है। इसे नियमित खाने से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ होते हैं।

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  • Publish Date - February 7, 2025 / 11:51 AM IST

नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। शादियों के इस सीजन में और मौसम के बदलते करवट के बीच पेट का खास ख्याल रखना भी जरूरी है। व्यंजन ऐसे हों जो पेट भी भरें, स्वाद भी लाजवाब हो और सेहत पर आंच न आने दें! मूंग दाल (moong dal) का चीला इस खाके में फिट बैठता है।

मूंग दाल का चीला खाने में स्वादिष्ट के साथ-साथ न्यूट्रिशन से भरपूर होता है। इसे नियमित खाने से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ होते हैं।

मूंग दाल का चीला प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। इसमें आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और फाइबर जैसे मिनरल अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। इसे खाने का सही समय लेकर भी कई तरह के सवाल पूछे जाते हैं।

न्यूट्रिशनिस्ट डॉ स्वाति सिंह के मुताबिक सुबह नाश्ते के समय और वर्कआउट के बाद मूंग दाल का चीला खाना सबसे अधिक फायदेमंद होता है। वर्कआउट के बाद चीला खाने की सलाह इसलिए दी जाती है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में पाया जाने वाला प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत बनाने में बहुत सहायक होता है।

वहीं, रात को कुछ हल्का खाने का मन हो तो भी इसे ग्रहण किया जा सकता है। मूंग दाल काफी हल्का होता है, जो पाचन तंत्र को अच्छा करता है। इसके सेवन से कब्ज, गैस और अन्य पाचन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं। अधिक मात्रा में फाइबर होने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है और जल्दी भूख नहीं लगती है।

सिंह के अनुसार इसे खाने से शरीर एनर्जेटिक रहता है। मूंग दाल के चीले में भरपूर मात्रा में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और मिनरल्स शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने का काम करते हैं। इसमें कम फैट होता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद मिलती है और दिल की सेहत में भी सुधार होता है। जो डायबिटिक हैं, जिनका हाजमा खराब रहता है या फिर जो वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए मूंग दाल से बना चीला बिल्कुल मुफीद रेसिपी है।