भारत-अमेरिका ट्रेड डील में किसानों को राहत, संवेदनशील कृषि और डेयरी सेक्टर सुरक्षित

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियुष गोयल ने साफ किया है कि भारत ने इस समझौते में अपने संवेदनशील कृषि उत्पादों को पूरी तरह बाहर रखा है।

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  • Publish Date - February 4, 2026 / 01:42 PM IST

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका (United States) के बीच हुए नए व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर केंद्र सरकार ने कहा है कि इसमें किसानों (Farmers) के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। सरकार का दावा है कि इस समझौते में संवेदनशील कृषि (Agriculture) और डेयरी (Dairy) सेक्टर को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है और घरेलू किसानों की आजीविका (Livelihood) पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियुष गोयल ने साफ किया है कि भारत ने इस समझौते में अपने संवेदनशील कृषि उत्पादों को पूरी तरह बाहर रखा है। डेयरी, पोल्ट्री, अनाज, मक्का, सोया और अन्य जरूरी कृषि उत्पादों पर किसी तरह की सीधी बाजार खोलने की शर्त स्वीकार नहीं की गई है। सरकार का कहना है कि विदेशी सब्सिडी वाले कृषि उत्पादों को भारतीय बाजार में बेतरतीब प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

समझौते के तहत कुछ औद्योगिक और गैर-संवेदनशील उत्पादों पर टैरिफ (Tariff) में चरणबद्ध कटौती की बात जरूर हुई है, ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिल सके। हालांकि कृषि क्षेत्र में भारत ने अपनी सुरक्षा नीति को बरकरार रखा है। सरकार का कहना है कि किसी भी तरह का फैसला किसानों के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखकर ही लिया गया है।

सरकार के अनुसार इस ट्रेड डील से भारत के श्रम आधारित और विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्रों को अमेरिकी बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे, जिससे निर्यात बढ़ेगा और रोजगार के नए मौके बनेंगे। वहीं कृषि क्षेत्र में घरेलू उत्पादन और किसानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।

हालांकि इस समझौते को लेकर किसान संगठनों और विपक्ष ने सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि भविष्य में इससे विदेशी कृषि उत्पादों का दबाव बढ़ सकता है। इस पर सरकार ने दोहराया है कि संवेदनशील कृषि और डेयरी सेक्टर पर कोई समझौता नहीं किया गया है और किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं।