जशपुर, छत्तीसगढ़। भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला (Indian Astronaut) एक दिवसीय प्रवास पर बुधवार को जशपुर जिले पहुंचे। रणजीता स्टेडियम में आयोजित “इंडिया इन स्पेस” (India in Space) थीम पर आधारित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के दौरान ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने जिले भर से आए करीब 10 हजार स्कूली बच्चों से सीधा संवाद (Direct Interaction) किया और अपने अंतरिक्ष अनुभव (Space Experience) साझा किए।
रणजीता स्टेडियम में दोपहर करीब 1 बजे शुभांशु शुक्ला के पहुंचते ही कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस दौरान बच्चों के लिए प्रेरणादायी अंतरिक्ष गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें बौद्धिक और रचनात्मक कार्यक्रम शामिल रहे। शुभांशु शुक्ला ने बच्चों को अंतरिक्ष यात्रा, अंतरिक्ष स्टेशन में जीवन और वैज्ञानिक अनुशासन के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी।
शुभांशु शुक्ला ए-एक्स 4 मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन गए थे और करीब 18 दिनों तक वहां रहकर पृथ्वी पर लौटे। असाधारण साहस और योगदान के लिए उन्हें 77वें गणतंत्र दिवस पर अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। शुभांशु शुक्ला मूल रूप से लखनऊ, उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष से लौटने वाले दूसरे भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं।
इससे पहले शुभांशु शुक्ला नवा रायपुर के राखी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने स्कूली बच्चों द्वारा तैयार रॉकेट का बटन दबाकर प्रक्षेपण किया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मौजूद रहे थे। इसी आयोजन के दौरान नवा रायपुर में प्रदेश के पहले अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ किया गया था।
यह अंतरिक्ष केंद्र जिला प्रशासन रायपुर, आईडीवायएम और सारडा ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में तैयार किया गया है। यहां स्पेस क्वालिफाइड क्लीन रूम, स्टूडेंट सैटेलाइट लैबोरेटरी, ग्राउंड स्टेशन और मिशन कंट्रोल सेंटर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
जशपुर में आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के दौरान शुभांशु शुक्ला ने बच्चों के सवालों के जवाब दिए और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े करियर विकल्पों पर भी मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और जिज्ञासा के जरिए कोई भी छात्र अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ सकता है।
शुभांशु शुक्ला भारतीय वायुसेना के टेस्ट पायलट, इंजीनियर और इसरो के अंतरिक्ष यात्री हैं। वे भारतीय मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के तहत अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले चार चयनित अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल हैं।