मध्य प्रदेश के IIT इंदौर (IIT Indore) के वैज्ञानिकों ने एक मानव-सदृश (Human-like) AI-संचालित प्रतिकृति (AI-powered Replica) विकसित की है, जो मानव शरीर में बीमारियों (Disease) की पहचान करने में सक्षम होगी। यह उन्नत तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) के जरिए शरीर से जुड़े विभिन्न जैविक संकेतों का विश्लेषण कर संभावित रोगों का पता लगाने में मदद करेगी।
शोधकर्ताओं के अनुसार, इस AI प्रणाली को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह शरीर के सामान्य और असामान्य पैटर्न के बीच अंतर कर सके। इससे बीमारी की प्रारंभिक पहचान (Early Detection) संभव हो पाएगी, जिससे समय पर इलाज शुरू किया जा सकेगा और गंभीर स्थितियों से बचाव में सहायता मिलेगी।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तकनीक मेडिकल डायग्नोस्टिक्स को अधिक सटीक, तेज और किफायती बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। AI-आधारित यह प्रतिकृति भविष्य में डॉक्टरों के लिए एक सहायक उपकरण के रूप में काम कर सकती है, जिससे जांच प्रक्रिया में मानवीय त्रुटियों की संभावना भी कम होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में इस तरह की AI तकनीक (AI Technology) के बढ़ते इस्तेमाल से न सिर्फ इलाज की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी। IIT इंदौर की यह पहल देश में मेडिकल रिसर्च और हेल्थकेयर इनोवेशन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।