मध्यप्रदेश में बिजली उत्पादन को बड़ी मजबूती, 4000 मेगावाट के लिए हुए अहम समझौते
By : hashtagu, Last Updated : January 27, 2026 | 8:13 pm
भोपाल, मध्यप्रदेश: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में बिजली उत्पादन (power generation) बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) की मौजूदगी में राज्य में 4000 मेगावाट (MW) थर्मल बिजली उत्पादन के लिए अहम समझौते (MoU / Agreement) किए गए हैं। यह करार एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MP Power Management Company Limited) और निजी बिजली उत्पादक कंपनियों के बीच हुआ है।
इन समझौतों के तहत टोरेंट पावर लिमिटेड (Torrent Power Limited), अदाणी पावर लिमिटेड (Adani Power Limited) और हिंदुस्तान थर्मल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (Hindustan Thermal Projects Limited) को बिजली उत्पादन की जिम्मेदारी दी गई है। टोरेंट पावर को 1600 MW, अदाणी पावर को 800 MW और हिंदुस्तान थर्मल को 800 MW बिजली उत्पादन का कार्य सौंपा गया है। इसके साथ ही 800 MW अतिरिक्त क्षमता के लिए ग्रीन शू विकल्प (Green Shoe Option) भी शामिल किया गया है, जिससे कुल क्षमता 4000 MW हो जाएगी।
यह परियोजना DBFOO मॉडल (Design, Build, Finance, Own and Operate) के तहत विकसित की जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इन परियोजनाओं में लगभग 60 हजार करोड़ रुपये (investment) का निवेश होगा। इससे प्रदेश में करीब 3000 प्रत्यक्ष (direct) और 5000 अप्रत्यक्ष (indirect) रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
प्रस्तावित थर्मल पावर प्लांट अनूपपुर जिले (Anuppur district) में स्थापित किए जाएंगे। इनसे बनने वाली बिजली की आपूर्ति वर्ष 2030 (from 2030) से शुरू होने की संभावना है। राज्य सरकार का कहना है कि इससे मध्यप्रदेश की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी और भविष्य में बिजली संकट की स्थिति नहीं बनेगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ये समझौते मध्यप्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर (self-reliant) बनाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर क्षेत्र में पर्याप्त और सस्ती बिजली उपलब्ध कराना है, ताकि उद्योग, कृषि और आम उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ मिल सके।



