दिल्ली शराब नीति केस में केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 आरोपी बरी, राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI की जांच पर उठाए गंभीर सवाल

By : hashtagu, Last Updated : February 27, 2026 | 8:04 pm

नई दिल्ली बहुचर्चित दिल्ली शराब नीति (liquor policy) मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कुल 23 आरोपियों को सभी आरोपों से बरी (acquitted) कर दिया। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी सीबीआई (CBI – Central Bureau of Investigation) साजिश (conspiracy) और भ्रष्टाचार के आरोपों को साबित करने के लिए ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष का मामला संदेह से परे अपराध सिद्ध करने में असफल रहा।

यह फैसला राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश द्वारा सुनाया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई से ‘साउथ ग्रुप’ शब्द के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए और पूछा कि जांच में इस कथित समूह की कानूनी परिभाषा और भूमिका स्पष्ट क्यों नहीं की गई। अदालत ने कहा कि चार्जशीट में कई तथ्यों का ठोस आधार नहीं है और केवल अनुमान के आधार पर आपराधिक साजिश नहीं मानी जा सकती। कोर्ट ने जांच की प्रक्रिया पर भी टिप्पणी करते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए।

मामला वर्ष 2021-22 की दिल्ली आबकारी नीति से जुड़ा था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि नीति बनाते समय कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। सीबीआई ने दावा किया था कि इसमें राजनीतिक स्तर पर साजिश रची गई, लेकिन अदालत ने कहा कि पेश किए गए दस्तावेज और गवाह आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह सत्य और न्याय की जीत है। मनीष सिसोदिया ने भी अदालत के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। वहीं सीबीआई ने संकेत दिया है कि वह आदेश का अध्ययन कर आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार करेगी।

यह फैसला दिल्ली की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह मामला लंबे समय से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में था और इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही।