जामनगर, गुजरात: कारोबारी मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी (Anant Ambani) आज अपना 31वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर जामनगर में भव्य सेलिब्रेशन (Celebration) आयोजित किया गया है, जिसमें बॉलीवुड (Bollywood) और उद्योग जगत (Industry) की कई बड़ी हस्तियां शामिल होने पहुंची हैं। इस समारोह में शाहरुख खान और रणवीर सिंह समेत कई सेलेब्रिटी की मौजूदगी देखने को मिली।
जन्मदिन से एक दिन पहले गुरुवार को अनंत अंबानी ने जामनगर में गो सेवा की और एक लाख से ज्यादा गायों को छप्पन भोग कराया। इसके साथ ही जामनगर के आसपास के गांवों में बड़े स्तर पर भोज का आयोजन किया गया। इस आयोजन में शामिल महिलाओं को साड़ियां गिफ्ट की गईं और बच्चों को स्कूल किट बांटी गई। इसके अलावा अनंत अंबानी ने देश के कई प्रमुख मंदिरों को करोड़ों रुपए का दान भी दिया।
इस मौके पर रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी की ओर से एक बड़ी घोषणा भी की गई। उनकी संस्था वनतारा ने जामनगर में वनतारा यूनिवर्सिटी शुरू करने का ऐलान किया है। यह यूनिवर्सिटी वन्यजीव संरक्षण और पशु चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया की पहली एकीकृत वैश्विक यूनिवर्सिटी होगी।
वनतारा यूनिवर्सिटी का उद्देश्य पशु कल्याण, वैज्ञानिक प्रगति और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में नए लीडर्स तैयार करना है। अनंत अंबानी ने कहा कि संरक्षण का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि हम लोगों और संस्थानों को करुणा, ज्ञान और कौशल के साथ जीवों की सेवा के लिए कैसे तैयार करते हैं। उन्होंने बताया कि इस यूनिवर्सिटी की परिकल्पना उनके व्यक्तिगत अनुभवों से प्रेरित है, जब उन्होंने संकट में पड़े पशुओं को करीब से देखा।
यह यूनिवर्सिटी प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की भावना और ‘आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः’ के आदर्शों से प्रेरित है, जिसका अर्थ है कि सभी दिशाओं से श्रेष्ठ विचार हमारे पास आएं। इस सोच के साथ यह संस्थान नई पीढ़ी को हर जीव की रक्षा के लिए तैयार करेगा।
वनतारा यूनिवर्सिटी के आधारशिला स्थल के डिजाइन में दो विशेष बिजोलिया बलुआ पत्थरों का उपयोग किया गया है, जो प्राचीन विंध्यन भू-विन्यास से लिए गए हैं और नालंदा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक संरचना से जुड़े माने जाते हैं। यह भारत की शिक्षा और ज्ञान की निरंतर परंपरा का प्रतीक है।
वनतारा प्रोजेक्ट जामनगर स्थित रिलायंस रिफाइनरी परिसर के 3000 एकड़ ग्रीनबेल्ट में फैला हुआ है। यहां घायल और बीमार जानवरों का इलाज, देखभाल और पुनर्वास किया जाता है। यह प्रोजेक्ट देश का अपनी तरह का सबसे बड़ा पशु संरक्षण प्रोजेक्ट माना जा रहा है, जहां पूरे क्षेत्र को घने जंगल की तरह विकसित किया गया है।