कूनो की आबोहवा में बढ़ रहा चीतों का कुनबा, CM मोहन यादव ने जंगल में छोड़े 2 नए चीते

पिछले तीन वर्षों में कूनो में 49 शावकों का जन्म हुआ है, जिसे प्रोजेक्ट चीता (Project Cheetah) की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 10:24 PM IST

श्योपुर, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में चीतों का कुनबा लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो और चीतों को बाड़े से निकालकर कूनो नदी के पास खुले जंगल में छोड़ दिया। इसके साथ ही अब कूनो में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 57 हो गई है।

पिछले तीन वर्षों में कूनो में 49 शावकों का जन्म हुआ है, जिसे प्रोजेक्ट चीता (Project Cheetah) की बड़ी सफलता माना जा रहा है। लगातार बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि कूनो की आबोहवा और जंगल का वातावरण चीतों को रास आने लगा है। हाल ही में मादा चीता गामिनी ने खुले जंगल में 4 शावकों को जन्म दिया था, जो भारत में जन्मी किसी मादा चीता का प्राकृतिक वातावरण में पहला सफल प्रजनन माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक फरवरी 2026 में बोत्सवाना (Botswana) से लाए गए 9 चीतों में से दो मादा चीतों को क्वारंटीन (Quarantine) और अनुकूलन प्रक्रिया पूरी होने के बाद खुले वन क्षेत्र में छोड़ा गया है। वन विभाग को उम्मीद है कि बोत्सवाना से आए चीते दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से लाए गए चीतों के साथ मिलकर स्वस्थ और टिकाऊ आबादी विकसित करने में मदद करेंगे।

सरकार अब कूनो नेशनल पार्क को एक ग्लोबल चीता ब्रीडिंग सेंटर (Global Cheetah Breeding Center) के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। चीतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य को उनका दूसरा घर बनाने की योजना पर काम चल रहा है। वहीं भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नौरादेही अभयारण्य को भी तैयार किया जा रहा है।

नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) और भारतीय वन्यजीव संस्थान लगातार चीतों की सेहत, शिकार की आदतों और उनके व्यवहार की निगरानी कर रहे हैं।

राज्य सरकार का कहना है कि प्रोजेक्ट चीता केवल वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पूरे इकोसिस्टम (Ecosystem) के संरक्षण और पुनर्स्थापन के मॉडल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसी के साथ मध्य प्रदेश अब सिर्फ “टाइगर स्टेट” ही नहीं, बल्कि देश का बड़ा “वाइल्डलाइफ लीडर” बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।