DGCA का इंडिगो पर कड़ा प्रहार, 22.20 करोड़ का जुर्माना, CEO को सख्त चेतावनी

By : hashtagu, Last Updated : January 17, 2026 | 11:01 pm

नई दिल्ली : भारतीय एविएशन रेगुलेटर (DGCA – Directorate General of Civil Aviation) ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) के खिलाफ बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। दिसंबर 2025 में हुए गंभीर ऑपरेशनल क्राइसिस (Operational Crisis) की विस्तृत जांच के बाद DGCA ने इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है और कंपनी के CEO (Chief Executive Officer) को भविष्य में ऐसी लापरवाही न करने की कड़ी चेतावनी दी है।

DGCA की जांच में सामने आया कि दिसंबर 2025 की शुरुआत में इंडिगो का ऑपरेशनल सिस्टम (Operational System) पूरी तरह चरमरा गया था। इस दौरान कुल 2,507 उड़ानें रद्द (Cancelled) करनी पड़ीं, जबकि 1,852 फ्लाइट्स घंटों देरी (Delay) से संचालित हुईं। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ा और तीन लाख से ज्यादा यात्री देश के अलग-अलग एयरपोर्ट्स (Airports) पर फंसे रहे, जिससे भारी अव्यवस्था और असंतोष की स्थिति बनी।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA – Ministry of Civil Aviation) के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय समिति ने जांच रिपोर्ट DGCA को सौंपी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इंडिगो ने ऑपरेशन्स का जरूरत से ज्यादा ऑप्टिमाइजेशन (Optimization) किया, लेकिन क्रू (Crew) और विमानों (Aircraft) के लिए कोई ठोस बैकअप प्लान (Backup Plan) तैयार नहीं किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL – Flight Duty Time Limitations) नियमों का पालन नहीं किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, क्रू मेंबर्स से उनकी क्षमता से अधिक काम लिया गया और उनके अनिवार्य आराम के समय (Rest Period) में कटौती की गई। डेड-हेडिंग (Dead Heading) और टेल स्वैप (Tail Swap) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर ड्यूटी आवर्स (Duty Hours) को अधिकतम करने की कोशिश की गई, जिससे एयरलाइन का सॉफ्टवेयर (Software) और फ्लाइट प्लानिंग सिस्टम (Flight Planning System) पूरी तरह फेल हो गया।

DGCA ने अपने आदेश में साफ कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा (Passenger Safety) और सुविधा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियामक ने इंडिगो को भविष्य में सभी नियमों का सख्ती से पालन करने और ऑपरेशनल व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।