इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण विज्ञापनों के आरोप, केंद्र ने मेटा को किया तलब, आईटी मंत्रालय मांगेगा जवाब

सरकार का कहना था कि इस फीचर से ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध और प्रतिरूपण (Impersonation) के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।

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  • Publish Date - July 3, 2026 / 07:17 PM IST

नई दिल्ली: इंस्टाग्राम (Instagram) पर बाल यौन शोषण सामग्री (Child Sexual Abuse Material-CSAM) से जुड़े कथित विज्ञापनों (Advertisements) के मामले को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देश पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा को तलब करने का फैसला किया है। मंत्रालय इस मामले में कंपनी से स्पष्टीकरण मांगेगा।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मेटा से पूछा जाए कि इंस्टाग्राम पर इस तरह के कथित विज्ञापन कैसे दिखाई दिए और उन्हें रोकने के लिए कंपनी ने क्या सुरक्षा उपाय अपनाए हैं। सरकार इस पूरे मामले में मेटा से विस्तृत जवाब मांगेगी।

यह एक सप्ताह के भीतर मेटा के खिलाफ केंद्र सरकार की दूसरी बड़ी नियामकीय कार्रवाई है। इससे पहले सरकार ने व्हाट्सएप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को लेकर भी मेटा को नोटिस जारी किया था। सरकार का कहना था कि इस फीचर से ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध और प्रतिरूपण (Impersonation) के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।

फिलहाल मेटा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार के इस कदम को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा और अवैध सामग्री पर निगरानी को लेकर सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।