पर्शियन गल्फ में भारत की सख्त निगरानी, मर्चेंट जहाजों की सुरक्षा के लिए तैनात भारतीय नौसेना के युद्धपोत

By : hashtagu, Last Updated : March 15, 2026 | 11:51 am

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने पर्शियन गल्फ (Persian Gulf) के पास अपने कई युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। भारतीय नौसेना (Indian Navy) के ये युद्धपोत भारत की ओर आने वाले मर्चेंट जहाजों (Merchant Vessels) को जरूरत पड़ने पर सहायता और सुरक्षा देने के लिए स्टैंडबाय (Standby) पर रखे गए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह कदम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के आसपास बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय नौसेना के युद्धपोत इस समय पर्शियन गल्फ के आसपास तैनात हैं और भारत की ओर आने वाले व्यापारिक जहाजों को किसी भी आपात स्थिति में मदद देने के लिए तैयार रखे गए हैं। हाल ही में पश्चिम एशिया में बढ़े सैन्य तनाव के कारण इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, इसलिए भारत ने अपने समुद्री हितों और व्यापारिक आपूर्ति मार्गों की रक्षा के लिए यह कदम उठाया है।

शनिवार को ईरान के अधिकारियों ने भारत के दो झंडाधारी जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी थी। ये दोनों जहाज तरलीकृत पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी लेकर आ रहे थे। इनमें से एक जहाज ‘शिवालिक’ बताया गया है, जिसे जहाज निगरानी प्रणाली के अनुसार ओमान की खाड़ी में देखा गया था और इसके 21 मार्च तक अपने गंतव्य पर पहुंचने की संभावना जताई गई है।

केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने भी पर्शियन गल्फ क्षेत्र में समुद्री स्थिति को लेकर अपडेट दिया है। मंत्रालय के अनुसार इस समय पर्शियन गल्फ में भारत के झंडे वाले 24 जहाज संचालित हो रहे हैं, जिन पर कुल 668 भारतीय नाविक मौजूद हैं। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूर्व में तीन जहाजों पर 76 भारतीय नाविक भी मौजूद हैं, जिनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

मंत्रालय ने बताया कि डीजी शिपिंग लगातार जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों के साथ समन्वय बनाए हुए है और सभी भारतीय जहाजों तथा उनके चालक दल की सक्रिय रूप से निगरानी की जा रही है। 24 घंटे के कंट्रोल रूम के सक्रिय होने के बाद अब तक 2,425 से अधिक फोन कॉल और 4,441 ईमेल प्राप्त हुए हैं और इसके जरिए 223 से ज्यादा फंसे हुए भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाने में मदद की गई है।

इस बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने भी कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत की ओर आने वाले जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित मार्ग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से मित्रतापूर्ण संबंध और साझा हित हैं, इसलिए भारतीय जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी जा रही है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और समुद्री मार्गों पर हमलों की घटनाओं के बीच भारत अपने व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सतर्कता बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर नौसेना के जहाजों को तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रखा गया है।