मोबाइल पर बजा इमरजेंसी अलर्ट क्यों आया? NDMA का देशभर में बड़ा टेस्ट, जानें पूरी सच्चाई

इस परीक्षण का उद्देश्य यह समझना है कि किसी आपदा (disaster) या आपात स्थिति में सरकार कितनी तेजी से लोगों तक चेतावनी (warning) पहुंचा सकती है।

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  • Publish Date - May 2, 2026 / 12:21 PM IST

नई दिल्ली : देशभर में मोबाइल फोन पर अचानक तेज आवाज के साथ आए इमरजेंसी अलर्ट (emergency alert) को लेकर लोगों में घबराहट देखी गई, लेकिन यह किसी वास्तविक खतरे का संकेत नहीं था बल्कि एक परीक्षण (test) था। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा देशव्यापी सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (cell broadcast system) की जांच के लिए यह अलर्ट जारी किया गया।

इस परीक्षण का उद्देश्य यह समझना है कि किसी आपदा (disaster) या आपात स्थिति में सरकार कितनी तेजी से लोगों तक चेतावनी (warning) पहुंचा सकती है। इस तकनीक के जरिए एक ही समय में किसी विशेष क्षेत्र के सभी मोबाइल फोन पर संदेश भेजा जा सकता है, जिससे समय रहते लोगों को सतर्क किया जा सके।

यह सिस्टम ‘सचेत’ (SACHET platform) नाम के एकीकृत प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसे सी-डॉट ने विकसित किया है। यह पारंपरिक SMS से अलग है, क्योंकि इसमें नेटवर्क व्यस्त होने की स्थिति में भी संदेश तुरंत सभी यूजर्स तक पहुंच जाता है।

टेस्टिंग के दौरान मोबाइल यूजर्स को हिंदी, अंग्रेजी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में संदेश प्राप्त हो रहे हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से लिखा होता है कि यह केवल एक परीक्षण है। कई बार एक ही फोन पर एक से अधिक बार अलर्ट आ सकता है, क्योंकि सिस्टम की विश्वसनीयता जांची जा रही है।

यह सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक भूकंप, सुनामी, बिजली गिरने, गैस रिसाव या अन्य प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के दौरान तेजी से सूचना देने के लिए बेहद उपयोगी मानी जा रही है। इसकी मदद से कुछ ही सेकंड में लाखों लोगों तक महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई जा सकती है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अलर्ट मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं है। यह केवल ट्रायल प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका मकसद भविष्य में आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाना है।

इस पहल से देश में आपातकालीन चेतावनी प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में बड़ी मदद मिलेगी।