नई दिल्ली (New Delhi), भारत: नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 (Income Tax Act 2025) को लेकर टैक्सपेयर्स (taxpayers) के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि पुराना (old regime) या नया (new regime) टैक्स सिस्टम में कौन बेहतर है। चार्टर्ड अकाउंटेंट (Chartered Accountant) के अनुसार इसका जवाब व्यक्ति की इनकम (income), निवेश (investment) और छूट (deductions) पर निर्भर करता है।
नए टैक्स सिस्टम में कम टैक्स रेट और सरल प्रक्रिया का फायदा मिलता है, लेकिन इसमें HRA, 80C, 80D और होम लोन ब्याज जैसी ज्यादातर छूट नहीं मिलती। वहीं पुराने टैक्स सिस्टम में टैक्स रेट ज्यादा होते हैं, लेकिन कई तरह की छूट और डिडक्शन का लाभ मिलता है, जिससे कुल टैक्स कम हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों के पास निवेश, बीमा, होम लोन या अन्य टैक्स सेविंग विकल्प ज्यादा हैं, उनके लिए पुराना टैक्स सिस्टम फायदेमंद हो सकता है। वहीं जिनके पास ज्यादा डिडक्शन नहीं हैं या जो आसान प्रक्रिया चाहते हैं, उनके लिए नया टैक्स सिस्टम बेहतर विकल्प माना जाता है।
सरकार 1 अप्रैल 2026 से नए इनकम टैक्स एक्ट को लागू करने की तैयारी में है, जिसका उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल बनाना और नियमों को अधिक स्पष्ट करना है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट की सलाह है कि हर टैक्सपेयर को रिटर्न भरने से पहले दोनों टैक्स सिस्टम की तुलना जरूर करनी चाहिए, ताकि सही विकल्प चुनकर ज्यादा से ज्यादा टैक्स बचत की जा सके।