प्रसव के लिए 6 किलोमीटर पैदल चलने के बाद गर्भवती महिला की मौत

लंबी दूरी तय करने और समय पर इलाज नहीं मिल पाने की वजह से उसकी हालत बिगड़ती चली गई। बाद में जब उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब तक गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो चुकी थी।

  • Written By:
  • Publish Date - January 2, 2026 / 10:20 PM IST

गड़चिरोली। जिले के एटापल्ली तालुका से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां प्रसव (pregnancy( के लिए अस्पताल पहुंचने की कोशिश में छह किलोमीटर पैदल चलने के बाद एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। यह घटना जिले के दूरदराज और वनांचल क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को उजागर करती है।

मृतका की पहचान आलदंडी टोला निवासी 24 वर्षीय आशा संतोष किरंगा के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, आशा नौ माह की गर्भवती थी और प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उसे इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना था, लेकिन गांव तक सड़क और वाहन की सुविधा नहीं होने के कारण उसे जंगल के रास्ते करीब छह किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।

लंबी दूरी तय करने और समय पर इलाज नहीं मिल पाने की वजह से उसकी हालत बिगड़ती चली गई। बाद में जब उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब तक गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो चुकी थी। इलाज के दौरान महिला की भी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ग्रामीण अस्पताल भेजा गया।

इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में न तो पक्की सड़कें हैं और न ही आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, जिससे गर्भवती महिलाओं और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और जिम्मेदारों से रिपोर्ट मांगी गई है।