राष्ट्रपति दौरे से पहले ‘चश्मा चोर’ बंदरों पर एक्शन, वृंदावन में लगाए जाएंगे लंगूर कटआउट

पहले ऐसे मौकों पर असली लंगूरों की मदद ली जाती थी, लेकिन वन्यजीव नियमों के कारण अब ऐसा करना संभव नहीं है।

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  • Publish Date - March 18, 2026 / 12:22 AM IST

मथुरा (उत्तर प्रदेश): द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित दौरे से पहले वृंदावन में बंदरों की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने खास तैयारी शुरू कर दी है। इस दौरान स्मार्ट प्लानिंग (Smart Planning), सुरक्षा व्यवस्था (Security Arrangement) और वन विभाग की टीमें (Forest Teams) मिलकर बंदरों को दूर रखने का काम करेंगी।

प्रशासन ने फैसला किया है कि वृंदावन और गोवर्धन के प्रमुख इलाकों में लंगूर के कटआउट लगाए जाएंगे। माना जाता है कि बंदर लंगूर से डरते हैं, इसलिए उनके जैसे दिखने वाले कटआउट देखकर वे दूर रहते हैं।

राष्ट्रपति 19 मार्च से तीन दिन के दौरे पर मथुरा-वृंदावन आ रही हैं। इस दौरान वे मंदिरों के दर्शन करेंगी और गोवर्धन परिक्रमा भी करेंगी, ऐसे में बंदरों की हरकतों को रोकना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

वृंदावन के बंदर खासतौर पर चश्मा छीनने के लिए कुख्यात हैं। वे अचानक झपट्टा मारकर लोगों का चश्मा ले जाते हैं और फिर उसे वापस करने के बदले खाने-पीने की चीजें मांगते हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।

इस समस्या से निपटने के लिए करीब 30 वनकर्मियों की टीम भी तैनात की जाएगी। ये टीमें गुलेल, लाठी-डंडों और लेजर लाइट जैसे उपकरणों के साथ संवेदनशील इलाकों में निगरानी करेंगी, ताकि बंदरों को तुरंत दूर भगाया जा सके।

पहले ऐसे मौकों पर असली लंगूरों की मदद ली जाती थी, लेकिन वन्यजीव नियमों के कारण अब ऐसा करना संभव नहीं है। इसलिए इस बार प्रशासन ने लंगूर के कटआउट और अतिरिक्त स्टाफ की मदद से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला लिया है।

अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति के पूरे दौरे के दौरान सभी संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो और कार्यक्रम सुचारु रूप से पूरा हो सके।