बेंगलुरु। ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) कंपनी स्विगी (Swiggy) का घाटा बढ़ गया है। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंपनी का कुल शुद्ध घाटा 1065 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इससे पहले पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का घाटा 799 करोड़ रुपये था। इस तरह सालाना आधार पर स्विगी के घाटे में करीब 33 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हालांकि घाटा बढ़ने के बावजूद कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में मजबूत ग्रोथ देखने को मिली है। तीसरी तिमाही में स्विगी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 54 फीसदी बढ़कर 6148 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी ने बताया कि फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कारोबार में ऑर्डर वॉल्यूम बढ़ने से आय में इजाफा हुआ है।
स्विगी के घाटे में बढ़ोतरी की मुख्य वजह ऑपरेटिंग खर्चों में इजाफा बताया जा रहा है। खासतौर पर इंस्टामार्ट (Instamart) क्विक कॉमर्स बिजनेस में भारी निवेश, डिलीवरी लागत, मार्केटिंग और प्रमोशन पर बढ़े खर्च ने मुनाफे पर दबाव डाला है। कंपनी ने इस दौरान 34 नए डार्क स्टोर्स भी शुरू किए हैं, जिससे खर्च और बढ़ा है।
फूड डिलीवरी सेगमेंट में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा है। ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू में बढ़ोतरी दर्ज की गई है और मासिक एक्टिव यूजर्स की संख्या में भी इजाफा हुआ है। इसके बावजूद कुल मिलाकर बढ़ते खर्चों के कारण कंपनी अभी मुनाफे से दूर बनी हुई है।
नतीजों के बाद शेयर बाजार में स्विगी के शेयरों पर दबाव देखने को मिला और निवेशकों की चिंता बढ़ी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही कंपनी की ग्रोथ मजबूत है, लेकिन क्विक कॉमर्स में लगातार हो रहे निवेश के चलते निकट भविष्य में मुनाफा हासिल करना चुनौतीपूर्ण बना रहेगा।
कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में लागत नियंत्रण और ऑपरेशनल दक्षता पर फोकस किया जाएगा, ताकि घाटे को कम किया जा सके और कारोबार को स्थायी रूप से लाभ की ओर ले जाया जा सके।