नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र (Budget Session) में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के कारण बाधित रही। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भाषण और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
सुबह 11 बजे जैसे ही लोकसभा की बैठक शुरू हुई, अध्यक्ष ओम बिरला ने पूर्व सांसद सुरुपसिंह हिरिया नाइक के निधन की सूचना दी। इसके बाद सदन में कुछ क्षण का मौन रखकर दिवंगत सदस्य को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि के बाद जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के सांसद नारेबाजी करते हुए आसन के समीप आ गए और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Deal) को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने लगे।
शोर-शराबे के बीच गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक सदस्य के पूरक प्रश्न का उत्तर दिया, लेकिन हंगामा लगातार जारी रहा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से कार्यवाही चलने देने की अपील की और कहा कि प्रश्नकाल सदस्यों का महत्वपूर्ण समय होता है, जिसमें सांसद सवाल उठाते हैं और सरकार की जवाबदेही तय होती है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट पर चर्चा के दौरान सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा।
इसके बावजूद हंगामा नहीं थमने पर अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। दोपहर में सदन की बैठक दोबारा शुरू हुई, लेकिन हंगामा फिर तेज हो गया, जिसके कारण कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
जब दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े हुए और उन्होंने चीन (China) से जुड़े मुद्दे का जिक्र किया। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने आपत्ति जताई और कहा कि नियमों के तहत इस विषय को सदन में उठाने की अनुमति नहीं है। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही हंगामे में बदल गई। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही एक बार फिर स्थगित कर दी गई।
इससे पहले सोमवार को भी राहुल गांधी ने चीन से जुड़े एक मुद्दे पर एक मैगजीन रिपोर्ट का हवाला दिया था, जिसमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब (unpublished book) के कथित उद्धरणों का जिक्र किया गया था। उस समय भी स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें ऐसा करने से रोका था, जिसके बाद सदन में भारी हंगामा हुआ था।
लगातार दूसरे दिन लोकसभा में हंगामे के चलते बजट सत्र की कार्यवाही प्रभावित रही और सरकार व विपक्ष के बीच टकराव और गहरा गया।