क्रांति गौड़ की सफलता के पीछे मां का बड़ा त्याग, बेटी के क्रिकेट किट के लिए बेच दिए थे गहने
By : hashtagu, Last Updated : June 24, 2026 | 12:23 am
घुवारा (मध्य प्रदेश): भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ (Kranti Gaud) ने अपने संघर्ष (Struggle), परिवार के त्याग (Sacrifice) और क्रिकेट के सफर (Journey) को याद करते हुए भावुक कहानी साझा की है। महिला टी20 विश्व कप (T20 World Cup) में भारत के लिए खेल रहीं क्रांति ने बताया कि उनके क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने के लिए उनकी मां ने अपने गहने तक बेच दिए थे ताकि उन्हें एक अच्छा क्रिकेट किट मिल सके।
मध्य प्रदेश के छोटे से गांव घुवारा से आने वाली क्रांति गौड़ ने कहा कि उनके परिवार ने आर्थिक तंगी के बावजूद हमेशा उनका साथ दिया। उन्होंने बताया कि परिवार के समर्थन की वजह से ही वह समाज की बातों को नजरअंदाज कर अपने सपनों का पीछा कर सकीं। क्रांति ने कहा कि उनके घर में पैसों की हमेशा कमी रहती थी, लेकिन उनके माता-पिता ने कभी उन्हें क्रिकेट खेलने से नहीं रोका।
क्रांति ने कहा, “मेरी मां ने मुझे एक अच्छा क्रिकेट किट दिलाने के लिए अपने गहने बेच दिए थे। यह उनके जीवन का बहुत बड़ा त्याग था। परिवार मेरे लिए इतना कुछ कर रहा था कि मुझे भी जिम्मेदारी महसूस होती थी। मैं चाहता थी कि उनके त्याग का सम्मान करूं और उन्हें गर्व महसूस कराऊं।”
22 वर्षीय तेज गेंदबाज ने बताया कि उस समय उनके गांव में कई लड़कियों को घर से बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं मिलती थी, लेकिन उनके माता-पिता ने हमेशा उनके सपनों पर भरोसा किया। परिवार के इसी विश्वास ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की ताकत दी।
क्रांति गौड़ की सफलता का असर अब उनके गांव में भी दिखाई दे रहा है। उनके शानदार प्रदर्शन के बाद घुवारा गांव में एक क्रिकेट अकादमी शुरू हुई है, जहां बड़ी संख्या में लड़कियां क्रिकेट सीखने पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि अब गांव के माता-पिता अपनी बेटियों को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, जो उनके लिए गर्व की बात है।
क्रांति गौड़ भारतीय महिला टीम की नियमित सदस्य बन चुकी हैं। वह मध्य प्रदेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुकी हैं और 2025 महिला वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा रही हैं। वर्तमान में वह महिला टी20 विश्व कप में भारत के लिए अहम भूमिका निभा रही हैं और टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाने के लिए पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं।
क्रांति का कहना है कि जब परिवार आपके साथ खड़ा हो तो दुनिया की मुश्किलें छोटी लगने लगती हैं। उनकी कहानी आज उन हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं।




