अमित शाह बोले: सोमनाथ पर हमला आत्मसम्मान और धर्म पर आघात था, स्वाभिमान पर्व हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण
By : hashtagu, Last Updated : January 13, 2026 | 3:30 pm
सोमनाथ, गुजरात: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने गुजरात के सोमनाथ में आयोजित स्वाभिमान पर्व के दौरान कहा कि सोमनाथ मंदिर पर इतिहास में हुए हमले केवल एक धार्मिक स्थल पर आक्रमण नहीं थे, बल्कि वे भारत के आत्मसम्मान, आस्था और धर्म पर सीधे प्रहार थे। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की सनातन संस्कृति, आस्था और स्वाभिमान का प्रतीक है और इस पर हुए हमलों का उद्देश्य भारतीय सभ्यता की जड़ों को कमजोर करना था, लेकिन ऐसा कभी संभव नहीं हो सका।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि स्वाभिमान पर्व हमारे लिए इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें अपने गौरवशाली इतिहास, संघर्ष और पुनर्निर्माण की भावना की याद दिलाता है। उन्होंने बताया कि सोमनाथ मंदिर को कई बार ध्वस्त करने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार यह पहले से अधिक भव्य रूप में खड़ा हुआ, जो यह दर्शाता है कि भारत की आस्था और सांस्कृतिक चेतना को कोई भी शक्ति समाप्त नहीं कर सकती।
गृह मंत्री ने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन का एक दर्शन है, जिसे सदियों तक दबाने की कोशिश की गई, लेकिन भारतीय समाज ने हर चुनौती का सामना करते हुए अपनी पहचान को सुरक्षित रखा। सोमनाथ मंदिर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जो विनाश और पुनर्निर्माण की लंबी यात्रा के बाद भी आज देश और दुनिया के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज का भारत अपने इतिहास को गर्व के साथ स्वीकार कर रहा है और स्वाभिमान पर्व जैसे आयोजन नई पीढ़ी को यह संदेश देते हैं कि हमें अपने सांस्कृतिक मूल्यों, धार्मिक विरासत और राष्ट्रीय सम्मान को समझना और सहेजना चाहिए। अमित शाह ने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने इतिहास से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
स्वाभिमान पर्व के दौरान सोमनाथ में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल अतीत की घटनाओं को स्मरण करना है, बल्कि यह दिखाना भी है कि भारत की सभ्यता, संस्कृति और आत्मसम्मान आज भी उतने ही मजबूत हैं, जितने हजारों साल पहले थे।



