कोलकाता (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल में मतगणना (Counting) से ठीक पहले बड़ा विवाद सामने आया है। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में काउंटिंग सेंटर के बाहर उस समय हंगामा (Ruckus) हो गया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के झंडे (Flag) लगी दो गाड़ियों को सुरक्षा घेरे के अंदर जाने दिया गया। यह घटना उस परिसर में हुई जहां इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) रखी गई हैं।
बताया जा रहा है कि यह घटना कोलकाता के सखावत मेमोरियल गर्ल्स स्कूल स्थित काउंटिंग सेंटर पर हुई, जहां 4 मई को वोटों की गिनती होनी है। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि भारी सुरक्षा और केंद्रीय बलों (CAPF) की मौजूदगी के बावजूद इन गाड़ियों को अंदर जाने दिया गया, जिससे संदेह और तनाव बढ़ गया।
टीएमसी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो उन्हें वहां से लगभग 100 मीटर दूर हटने के लिए कहा गया। उनका कहना है कि बिना वैध पहचान (ID) के किसी भी वाहन या व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं होती, ऐसे में इन गाड़ियों का प्रवेश गंभीर सवाल खड़े करता है।
इस घटना के बाद काउंटिंग सेंटर के बाहर माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों दलों के समर्थकों के बीच नारेबाजी भी हुई। पहले भी इसी क्षेत्र में ईवीएम सुरक्षा को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे हैं, जिससे राजनीतिक माहौल पहले से ही गरम था।
चुनाव परिणाम से पहले इस तरह की घटनाओं ने राज्य में राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। प्रशासन और चुनाव आयोग (Election Commission) की ओर से अभी तक इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर उठने लगे हैं।