केरल सीएम पिनरायी विजयन ने राहुल गांधी पर पलटा वार: छत्तीसगढ़ में नन की गिरफ्तारी पर बयानबाजी भ्रामक

इस पर पिनरायी विजयन ने पलटवार किया और कहा कि कांग्रेस अपने समय में उन कानूनों को नहीं बदल पाई, जिनका आज गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 09:19 PM IST

तिरुवनंतपुरम, केरल: केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन (Pinarayi Vijayan) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के बयान को कड़ा जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ में दो ननों की गिरफ्तारी को लेकर विजयन और उनकी पार्टी की आलोचना की थी। विजयन ने राहुल के आरोपों को “अज्ञान और अतिशयोक्ति” करार देते हुए कहा कि यह बयानबाजी भ्रामक (misleading) है और केवल राजनीतिक लाभ के लिए की गई है।

यह विवाद पिछले साल जुलाई में हुई घटना से शुरू हुआ, जब छत्तीसगढ़ के दुर्ग में दो केरल मूल की कैथोलिक नन प्रीति मैरी और वंदना फ्रांसिस को मानव तस्करी और जबरन धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस गिरफ्तारी के बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया और विभिन्न दलों ने इसे अपने राजनीतिक एजेंडे में शामिल किया।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि विजयन और उनकी नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही गतिविधियों में सहयोग कर रही है। उन्होंने भाजपा और एलडीएफ के बीच एक गुप्त समझौते का भी दावा किया।

इस पर पिनरायी विजयन ने पलटवार किया और कहा कि कांग्रेस अपने समय में उन कानूनों को नहीं बदल पाई, जिनका आज गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। विजयन ने सवाल उठाया कि अगर कांग्रेस सचमुच अल्पसंख्यकों के मुद्दों के प्रति प्रतिबद्ध है तो उन्होंने सत्ता में रहते हुए यह कदम क्यों नहीं उठाया।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी केवल राजनीतिक लाभ के लिए अल्पसंख्यकों के मुद्दों का इस्तेमाल करती है, जबकि वास्तविक रूप से उसकी प्रतिबद्धता संदिग्ध है। उन्होंने यह भी दोहराया कि सीपीआई(एम) हमेशा से ऐसे “असंवैधानिक” कानूनों के खिलाफ रहा है और उनकी रद्दीकरण की मांग करता रहा है।

यह बयान छत्तीसगढ़ नन गिरफ्तारी विवाद को लेकर राजनीति में जारी आरोप‑प्रत्यारोप के बीच आया है और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक प्रभाव पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।