नई दिल्ली: अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्य जल्द ही यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के जरिए अपने पीएफ (PF), कर्मचारी भविष्य निधि (Employees’ Provident Fund) का पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे। केंद्रीय श्रम मंत्री Mansukh Mandaviya ने मंगलवार को बताया कि इस सुविधा की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसे शुरू किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि EPFO लगातार अपनी सेवाओं को आसान और तेज बनाने के लिए नई पहल कर रहा है। नई व्यवस्था के तहत सदस्य अपने खाते में उपलब्ध निकासी योग्य पीएफ राशि देख सकेंगे और लिंक किए गए UPI पिन के जरिए सुरक्षित तरीके से पैसा सीधे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर पाएंगे।
उन्होंने बताया कि श्रम मंत्रालय एक ऐसी प्रणाली पर काम कर रहा है जिसमें पीएफ का कुछ हिस्सा सुरक्षित रहेगा जबकि बड़ी राशि सदस्य जरूरत पड़ने पर सीधे बैंक खाते में निकाल सकेंगे। पैसा खाते में आने के बाद सदस्य उसे डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन या एटीएम से डेबिट कार्ड के जरिए निकाल सकेंगे।
फिलहाल EPFO सदस्यों को पीएफ निकालने के लिए क्लेम आवेदन करना पड़ता है, जिसमें काफी समय लगता है। हालांकि ऑटो सेटलमेंट मोड के तहत अब दावों का निपटारा बिना मैनुअल हस्तक्षेप के तीन दिन के भीतर किया जा रहा है। सरकार ने इस ऑटो सेटलमेंट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है। इससे बीमारी, शिक्षा, शादी और मकान जैसे कामों के लिए सदस्य जल्दी पैसा निकाल पा रहे हैं।
EPFO ने यह भी बताया कि संगठन अब व्हाट्सएप के जरिए भी सेवाएं शुरू करने जा रहा है। इसके तहत सदस्य EPFO के आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर पर सिर्फ “Hello” लिखकर बातचीत शुरू कर सकेंगे। यह नंबर ग्रीन टिक के साथ सत्यापित रहेगा ताकि लोगों को सुरक्षा और भरोसा मिल सके।
सदस्य अपने मोबाइल नंबर पर EPFO से संदेश भी प्राप्त कर सकेंगे। खास बात यह है कि सभी सेवाएं स्थानीय भाषा में उपलब्ध होंगी, जिससे लोगों को अपनी भाषा में सहायता मिल सकेगी। यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी और ऑटोमेटेड सिस्टम लगातार सवालों के जवाब देगा।
EPFO ने प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (PMVBRY) से जुड़े ऐसे सदस्यों पर भी विशेष ध्यान देने की योजना बनाई है जिनके आधार ऑथेंटिकेशन या बैंक खाते में डीबीटी सक्षम नहीं है। ऐसे मामलों का समाधान भी व्हाट्सएप के जरिए किया जाएगा। सदस्य पीएफ बैलेंस, पिछले पांच ट्रांजैक्शन और क्लेम स्टेटस जैसी जानकारी भी आसानी से देख सकेंगे। यह सेवा अगले एक महीने में शुरू होने की उम्मीद है।
मंत्री ने बताया कि EPFO ने लंबित कानूनी मामलों को कम करने के लिए भी विशेष अभियान चलाया है। “निधि आपके निकट” कार्यक्रम के तहत उपभोक्ता अदालतों में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने की पहल की गई। इसके चलते 1 अप्रैल 2024 को लंबित 4,936 मामलों की संख्या घटकर 31 मार्च 2026 तक 2,646 रह गई।
इसके अलावा कुल लंबित मुकदमों की संख्या भी 31,036 से घटकर 27,639 हो गई है। 10 साल से अधिक पुराने मामलों में भी करीब 45 प्रतिशत की कमी आई है।
EPFO ने फरवरी और मार्च 2026 के दौरान देशभर में विशेष अभियान चलाकर केंद्रीय सरकारी औद्योगिक न्यायाधिकरणों (CGIT) में लंबित मामलों के निपटारे पर भी काम किया। इस दौरान 353 अपीलों का निपटारा किया गया जबकि 650 अन्य मामलों के समाधान की प्रक्रिया जारी है।