तमिलनाडु में विजय सरकार का रास्ता साफ, VCK के समर्थन के बाद कल लेंगे CM पद की शपथ

TVK नेता अधव अरजुना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि VCK ने उनकी पार्टी को समर्थन दे दिया है। VCK विधायक दल के नेता वन्नी अरसु ने भी राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को समर्थन पत्र सौंप दिया है।

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  • Publish Date - May 9, 2026 / 09:25 PM IST

चेन्नई (तमिलनाडु): तमिलनाडु की राजनीति (Politics) में कई दिनों से चल रहा सस्पेंस (Suspense) आखिरकार खत्म हो गया है। अभिनेता से नेता बने विजय (Vijay) की पार्टी तमिझगा वेत्री कड़गम (TVK) अब राज्य में सरकार बनाने जा रही है। विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) ने शनिवार को TVK को बिना शर्त समर्थन (Unconditional Support) देने का ऐलान कर दिया, जिसके बाद विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।

TVK नेता अधव अरजुना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि VCK ने उनकी पार्टी को समर्थन दे दिया है। VCK विधायक दल के नेता वन्नी अरसु ने भी राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को समर्थन पत्र सौंप दिया है। इसके बाद विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों में बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। TVK ने चुनाव में 108 सीटें जीती थीं, लेकिन विजय के दो सीटों से जीतने के कारण एक सीट छोड़ने पर पार्टी की संख्या 107 रह जाएगी। इसके बाद कांग्रेस के 5 विधायक, CPI और CPI(M) के 2-2 विधायक और VCK के 2 विधायकों के समर्थन से TVK बहुमत के आंकड़े तक पहुंच गई। बाद में IUML ने भी समर्थन दे दिया, जिससे विजय के पास 120 विधायकों का समर्थन हो गया।

सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर दिया है। विजय रविवार सुबह मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। पहले शपथ ग्रहण समारोह का समय अलग तय किया गया था, लेकिन बाद में इसे बदलकर सुबह 10 बजे कर दिया गया।

VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने कहा कि उनकी पार्टी ने तमिलनाडु में संवैधानिक संकट और राष्ट्रपति शासन की संभावना को रोकने के लिए TVK को समर्थन दिया है। उन्होंने साफ किया कि यह समर्थन केवल सरकार गठन के लिए है और इसके साथ कोई शर्त नहीं जुड़ी है।

तमिलनाडु में इस बार के विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया। TVK पहली बार चुनाव मैदान में उतरी और सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। इसके साथ ही राज्य की राजनीति में लंबे समय से चली आ रही DMK और AIADMK की पारंपरिक पकड़ को बड़ा झटका लगा है।