कोलकाता/चेन्नई। पश्चिम बंगाल में राज्यपाल ( Bengal Governor) आरएन रवि ने विधानसभा भंग कर दी है। गुरुवार शाम लोकभवन से इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया गया। विधानसभा भंग होने के बाद ममता कैबिनेट के मंत्रियों की सभी संवैधानिक शक्तियां खत्म हो गई हैं। हालांकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को साफ कहा था कि वे अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगी। राज्य में राजनीतिक हलचल के बीच हावड़ा के पास शिवपुर इलाके में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबर भी सामने आई है। इससे पहले बुधवार रात भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद बंगाल की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है।
इधर तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर स्थिति अब भी साफ नहीं हो पाई है। विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कड़गम (TVK) को राज्यपाल ने बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायकों का समर्थन दिखाने को कहा है। टीवीके को कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन मिल चुका है, लेकिन इसके बावजूद पार्टी बहुमत के आंकड़े से दूर है।
राज्य की दूसरी बड़ी पार्टी AIADMK ने अपने 47 विधायकों में से 28 विधायकों को पुडुचेरी शिफ्ट कर दिया है। माना जा रहा है कि पार्टी अपने विधायकों को टूट-फूट और राजनीतिक दबाव से बचाने की कोशिश कर रही है। इस बीच तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा मोड़ तब आया जब मीडिया रिपोर्ट्स में DMK और AIADMK के बीच सरकार गठन को लेकर बातचीत की खबरें सामने आईं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों प्रतिद्वंदी दलों के नेताओं के बीच बैकचैनल बातचीत चल रही है। सूत्रों का कहना है कि एक फॉर्मूले पर चर्चा हुई है, जिसमें AIADMK सरकार बनाए और DMK बाहर से समर्थन दे। इस संभावित समीकरण में छोटे दलों का समर्थन भी शामिल हो सकता है। हालांकि अभी तक किसी भी दल की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर लगातार बैठकों और राजनीतिक जोड़तोड़ का दौर जारी है। राज्यपाल की ओर से स्पष्ट बहुमत का दावा पेश करने की शर्त के बाद अब सभी की नजरें विजय की अगली रणनीति और संभावित गठबंधन पर टिकी हुई हैं।