सेमीफाइनल का टिकट दांव पर, ऑस्ट्रेलिया से आर-पार की लड़ाई में उतरेगा भारत

ग्रुप ए में ऑस्ट्रेलिया चार मैच जीतकर आठ अंकों के साथ पहले ही सेमीफाइनल के करीब पहुंच चुका है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के छह-छह अंक हैं, जबकि बांग्लादेश के चार अंक हैं

  • Written By:
  • Publish Date - June 28, 2026 / 03:35 PM IST

लंदन: महिला टी20 विश्व कप (Women’s T20 World Cup) में भारतीय टीम (Team India) के सामने अब करो या मरो (Do or Die) की स्थिति है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम रविवार को लॉर्ड्स मैदान पर छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी। इस मुकाबले का नतीजा भारत की सेमीफाइनल (Semi-final) की उम्मीदों का फैसला करेगा।

ग्रुप ए में ऑस्ट्रेलिया चार मैच जीतकर आठ अंकों के साथ पहले ही सेमीफाइनल के करीब पहुंच चुका है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के छह-छह अंक हैं, जबकि बांग्लादेश के चार अंक हैं। पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका का सामना बांग्लादेश से होगा। यदि दक्षिण अफ्रीका अपेक्षा के अनुरूप जीत जाता है तो भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया को हराना अनिवार्य हो जाएगा। हार की स्थिति में भारत टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा। हालांकि अगर बांग्लादेश दक्षिण अफ्रीका को हरा देता है तो भारत को नेट रन रेट के आधार पर मौका मिल सकता है।

भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता बल्लेबाजी और फील्डिंग रही है। शीर्ष क्रम ने अच्छी शुरुआत दिलाई है, लेकिन मध्यक्रम लगातार बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहा है। कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रोड्रिग्स से इस अहम मुकाबले में बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी। दूसरी ओर पिछले मैचों में छोड़े गए कैच भी टीम के लिए महंगे साबित हुए हैं, जिन्हें सुधारना जरूरी होगा।

मैच से पहले उपकप्तान स्मृति मंधाना ने कहा कि भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आक्रामक क्रिकेट खेलेगी। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी समूह लगातार सकारात्मक सोच और इरादे के साथ खेलने पर चर्चा कर रहा है। मंधाना का मानना है कि महिला प्रीमियर लीग और विदेशी लीगों में खेलने से भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अंतर भी कम हुआ है।

सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने भी कहा कि टीम को अपनी ताकत पर भरोसा रखते हुए सरल रणनीति के साथ मैदान में उतरना होगा। उन्होंने हाल के मैचों में फील्डिंग की गलतियों को बड़ा मुद्दा नहीं मानते हुए कहा कि कोई भी खिलाड़ी जानबूझकर कैच नहीं छोड़ता और टीम पूरी तैयारी के साथ उतरेगी।

ऑस्ट्रेलिया की टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अपराजित रही है और उसके पास नेट रन रेट का भी बड़ा फायदा है। इसके बावजूद भारत पिछले वर्ष वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर मिली जीत से प्रेरणा लेकर मैदान में उतरेगा। यदि भारतीय टीम अपने खेल के तीनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करती है तो उसके पास अंतिम चार में जगह बनाने का सुनहरा मौका होगा।