मैनचेस्टर: आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 (ICC Women’s T20 World Cup 2026) में भारत (India) ने बांग्लादेश (Bangladesh) को 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल की उम्मीदें कायम रखीं, लेकिन एक बार फिर टीम की फील्डिंग (Fielding), कैचिंग (Catching) और अनुशासन (Discipline) बड़ी चिंता बनकर सामने आए। बांग्लादेश ने भारत की खराब फील्डिंग का फायदा उठाते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 136 रन बनाए, जिसके जवाब में भारत ने 16.5 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
भारत की जीत की सबसे बड़ी हीरो शेफाली वर्मा रहीं, जिन्होंने केवल 34 गेंदों में 53 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी की बदौलत भारत ने पावरप्ले में ही मजबूत शुरुआत कर ली। स्मृति मंधाना सस्ते में आउट हो गईं, लेकिन शेफाली ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेशी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। उन्होंने महज 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। बाद में जेमिमा रोड्रिग्स ने 15 गेंदों पर 26 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया।
हालांकि जीत के बावजूद भारतीय टीम की फील्डिंग ने फिर निराश किया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद भी टीम अपनी गलतियों से सबक नहीं ले सकी। भारत ने पावरप्ले के दौरान ही चार आसान कैच टपका दिए। राधा यादव, नंदिनी शर्मा और यास्तिका भाटिया जैसी खिलाड़ियों ने आसान मौके गंवाए, जिससे बांग्लादेश को अतिरिक्त जीवनदान मिला। टीम ने 7 वाइड और 3 नो-बॉल भी फेंकीं, जिससे विरोधी टीम को अतिरिक्त रन मिले।
बांग्लादेश की बल्लेबाज जुआइरिया फर्दौस भारतीय फील्डरों की सबसे बड़ी लाभार्थी रहीं। उन्हें शुरुआती पांच ओवरों के भीतर तीन बार जीवनदान मिला। हालांकि वह इन मौकों का पूरा फायदा नहीं उठा सकीं और 31 गेंदों में 33 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बावजूद बांग्लादेश ने संघर्षपूर्ण स्कोर खड़ा कर भारत को चुनौती दी।
भारतीय गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी कर बांग्लादेश को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका, लेकिन फील्डिंग की लगातार गलतियों ने टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। टूर्नामेंट में भारत की फील्डिंग पहले भी सवालों के घेरे में रही है और यह समस्या अब लगातार दिखाई दे रही है।
इस जीत के साथ भारत ने सेमीफाइनल की दौड़ में खुद को बनाए रखा है, लेकिन अब टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को अगला मैच जीतना बेहद जरूरी होगा।