नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) में अपने स्ट्राइक रेट (Strike Rate) को लेकर हो रही आलोचना पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी टीम का उपकप्तान (Vice-Captain) बनता है तो उसकी जिम्मेदारी सिर्फ तेजी से रन बनाने की नहीं होती, बल्कि मैच की परिस्थिति के अनुसार टीम को संभालने की भी होती है।
हाल के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर तिलक वर्मा की बल्लेबाजी को लेकर सवाल उठे थे। आलोचकों का कहना था कि वह स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ तेजी से रन नहीं बना सके और उनका स्ट्राइक रेट उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। इस दौरान उन्हें सोशल मीडिया और क्रिकेट विशेषज्ञों की ओर से भी आलोचना का सामना करना पड़ा।
तिलक वर्मा ने कहा कि जब आप टीम के उपकप्तान होते हैं तो आपको सिर्फ अपने खेल के बारे में नहीं, बल्कि पूरी टीम के बारे में सोचना पड़ता है। कई बार परिस्थितियों के अनुसार पारी को संभालना जरूरी होता है और हर मैच में आक्रामक बल्लेबाजी ही सही विकल्प नहीं होती। उन्होंने कहा कि उनका फोकस हमेशा टीम की जरूरत के हिसाब से खेलने पर रहता है।
उन्होंने माना कि इंग्लैंड और आयरलैंड की परिस्थितियां बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण थीं। मौसम और पिच दोनों अलग थे, जिसकी वजह से बल्लेबाजी आसान नहीं थी। तिलक ने कहा कि टीम इन दौरों से सीख लेकर आगे बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करेगी।
23 वर्षीय तिलक वर्मा भारतीय टी20 टीम के अहम बल्लेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आलोचना खेल का हिस्सा है, लेकिन उनका लक्ष्य हमेशा टीम की सफलता में योगदान देना है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले मुकाबलों में टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी।