रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र (Chhattisgarh Assembly Budget Session) की शुरुआत होते ही हंगामा हो गया। भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस सरकार में चावल में गड़बड़ी का सवाल उठाया। उन्होंने जांच रिपोर्ट की जानकारी मांगी और अपनी ही सरकार के मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं होने की बात कही।
लंबी बहस और पार्टी विधायकों की नाराजगी के बाद खाद्य मंत्री दयालदास बघेल (Food Minister Dayaldas Baghel) ने माना कि चावल वितरण में गड़बड़ी हुई है। इसके बाद सरकार ने सदन की समिति से जांच कराने पर सहमति जताई। संसदीय कार्यमंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, PDS गड़बड़ी की जांच सदन की समिति करेगी।
इससे पहले मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि मैं स्वीकार करता हूं कि अनियमितता हुई है। इस पर धरमलाल कौशिक ने चिल्लाते हुए कहा कि जब अनियमितता हुई है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। विधायक अजय चंद्राकर ने भी कहा की कार्रवाई कब तक होगी, यही बता दीजिए।
धरमलाल कौशिक ने कहा कि, 24 मार्च 2023 को पूरी जानकारी देने की बात की गई थी। अब मैं माननीय मंत्री जी से पूछना चाहता हूं कि 2024 मार्च 2023 की स्थिति में जो परीक्षण किया गया, उसमें कितने में अनियमितता पाई गई, कितने सस्पेंड किए गए, कितने फिट किए गए और कितना शॉर्टेज मिला?
धरमलाल कौशिक ने कहा कि अगर 24 तक जवाब नहीं दिया गया और हाउस में कमिटमेंट मंत्री का हो और आसान डी का निर्देश हो। निर्देश का पालन नहीं हो तो क्या विधानसभा का अवमानना का मामला नहीं है?
इसके बाद फिर धरमलाल कौशिक ने कहा कि अमरजीत भगत ने 24 मार्च तक रिपोर्ट देने की बात कही थी, लेकिन इससे पहले ही रफूचक्कर हो गए। यह जो जांच का लंबित मामला है इस जांच के मामले में कितनी गड़बड़ी पाई गई अब तो आपके पास डाटा आ गया होगा वह हमें बताएं।
जवाब में मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा 24 मार्च 2023 की स्थिति में राशन दुकानों में कुल राशि 216.08 करोड रुपए की कमी पाई गई। कार्रवाई के लिए संचालक खाद्य के अनुमोदन से परिवर्तन किया गया था। इस जवाब पर कौशिक ने असंतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि कमेटी बनाकर जांच कराई जाए।
विधानसभा में मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होनी है। इसके अलावा सदस्यों के जो सवाल आए हैं, उन पर भी पक्ष-विपक्ष के बीच चर्चा की जाएगी।
इससे पहले सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई थी। बैठक के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा था कि, ये बात सामने आई है कि किसान आज भुगतान के लिए परेशान हैं। टोकन नहीं मिला तो समय पर धान नहीं बेच सके। अभी भी कई किसान हैं, जिनको धान बेचने का मौका नहीं मिला।
बघेल ने आगे कहा कि, लगातार जो वनों की कटाई हो रही है, चाहे वह सीतानदी अभयारण्य की बात हो, उदंती अभयारण्य की बात हो, चाहे हसदेव की बात हो। आदिवासी मुख्यमंत्री होते हुए जंगलों की जो भारी कटाई हो रही है। इसे लेकर विधायक दल के साथियों ने चिंता व्यक्त की है।
उसी प्रकार से प्रदेश में कानून व्यवस्था जर्जर हो चुकी है। नक्सली लगातार घटनाएं कर रहे हैं। हमले हो रहे हैं, 6 माह के बच्चे क्रॉस फायरिंग में मारे गए। चरणदास महंत के निर्देश पर अलग-अलग दिन स्थगन, ध्यान-आकर्षण के माध्यम से इन मुद्दों को उठाया जाएगा। विधायकों के जो प्रश्न आए हैं उन पर भी चर्चा हुई कि हम उन्हें किस प्रकार से उठाया जाए।
यह भी पढ़ें : महतारी वंदन योजना : 1 लाख 81 हजार महिलाओं के आए आवेदन! वायरल फर्जी लिंक से बचें