छत्तीसगढ़ स्टार्टअप नीति 2025-30 को कैबिनेट की मंजूरी, सीड फंड से 100 करोड़ के कैपिटल फंड तक मिलेगा सपोर्ट
By : hashtagu, Last Updated : February 4, 2026 | 7:53 pm
रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को नवाचार और स्टार्टअप (Startup) का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी मंत्रालय भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 को मंजूरी दी गई। इस नीति के लागू होने से राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम (Startup Ecosystem) को मजबूती मिलेगी और युवाओं को उद्यमिता (Entrepreneurship) से जुड़ने के नए अवसर मिलेंगे।
सरकार के मुताबिक अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विज़न @2047 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नवाचार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना जरूरी है। अब तक औद्योगिक नीतियों के तहत स्टार्टअप पैकेज तो था, लेकिन अलग से स्टार्टअप नीति नहीं होने के कारण इन्क्यूबेशन, निवेश और नवाचार को अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही थी। इसके अलावा भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग की स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में भी पृथक नीति का अभाव राज्य के लिए चुनौती बना हुआ था, जिसे नई नीति के जरिए दूर किया जाएगा।
नई स्टार्टअप नीति के तहत केवल राज्य शासन से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप इकाइयों को ही वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन का लाभ मिलेगा। शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को मजबूत करने के लिए प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट वाले स्टार्टअप्स को मिनिमम वायबल प्रोडक्ट (MVP) विकसित करने के लिए 10 लाख रुपये तक का सीड फंड दिया जाएगा। वहीं निवेश को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का छत्तीसगढ़ स्टार्टअप कैपिटल फंड बनाया जाएगा, जिसके माध्यम से SEBI से पंजीकृत ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIF) के जरिए स्टार्टअप्स में निवेश होगा।
स्टार्टअप्स को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने के लिए 50 करोड़ रुपये का क्रेडिट रिस्क फंड भी तैयार किया जाएगा। इसके तहत स्टार्टअप इकाइयों को बैंकों से एक करोड़ रुपये तक के संपार्श्विक-मुक्त ऋण (Collateral Free Loan) के लिए क्रेडिट गारंटी मिलेगी। इसके साथ ही मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को सावधि ऋण या कार्यशील पूंजी पर अधिकतम 50 लाख रुपये तक, पांच वर्षों के लिए 75 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ दिया जाएगा।
स्टार्टअप्स के विस्तार और बाजार तक पहुंच के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्टार्टअप केंद्रित आयोजनों में भाग लेने पर यात्रा, पंजीकरण और बूथ शुल्क सहित कुल खर्च का 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन के लिए किए गए खर्च की प्रतिपूर्ति का भी प्रावधान रखा गया है। जो स्टार्टअप्स सफलतापूर्वक निवेश जुटाएंगे, उन्हें फंडरेजिंग पर अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन भी मिलेगा।
नई नीति में सरकारी खरीद में स्टार्टअप्स को छूट, भूमि और भवन से जुड़े दस्तावेजों पर स्टाम्प शुल्क में राहत तथा इन्क्यूबेशन सेंटर या किराये के भवन में संचालित इकाइयों को तीन वर्षों तक किराया अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा स्थायी पूंजी निवेश, गुणवत्ता प्रमाणीकरण, पेटेंट, परियोजना प्रतिवेदन और सरकारी अनुसंधान संस्थानों से तकनीक खरीद पर भी अनुदान मिलेगा।
रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए नीति में विशेष प्रावधान किए गए हैं। दस से अधिक स्थायी रोजगार देने वाले स्टार्टअप्स को महिला कर्मचारियों के लिए 6,000 रुपये प्रति माह और पुरुष कर्मचारियों के लिए 5,000 रुपये प्रति माह तक की सहायता दी जाएगी। वहीं दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त अग्निवीर और नक्सल प्रभावित या पीड़ित व्यक्तियों को रोजगार देने वाले स्टार्टअप्स को उनके वेतन का 40 प्रतिशत तक अनुदान पांच वर्षों तक दिया जाएगा।
राज्य सरकार का मानना है कि छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के लागू होने से राज्य में निवेश बढ़ेगा, नए स्टार्टअप्स को गति मिलेगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह नीति छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।




