नई दिल्ली: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव (tension) के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दो और भारतीय एलपीजी (LPG – Liquefied Petroleum Gas) टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित गुजर चुके हैं। इन टैंकरों में करीब 94 हजार टन रसोई गैस (cooking gas) लदी हुई है, जो जल्द ही भारत पहुंचेगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, ये दोनों टैंकर खाड़ी क्षेत्र (Gulf region) से भारत की ओर आ रहे हैं और क्षेत्र में जारी तनाव के बावजूद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं।
इससे पहले भी भारत के टैंकर ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ करीब 92 हजार टन एलपीजी लेकर इसी रास्ते से सुरक्षित निकल चुके हैं। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और फंसे हुए जहाजों को निकालने की कोशिश जारी है।
बताया जा रहा है कि खाड़ी क्षेत्र में अभी भी कई भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें एलपीजी कैरियर भी शामिल हैं। हालांकि अब धीरे-धीरे जहाजों की आवाजाही सामान्य हो रही है, जिससे सप्लाई में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है और अपनी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत गैस आयात करता है, जिसमें से लगभग 90 प्रतिशत आपूर्ति मध्य पूर्व से होती है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकरों का सुरक्षित निकलना देश की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी, जिससे भारत में गैस संकट की आशंका बढ़ गई थी। अब इन टैंकरों के पहुंचने से घरेलू रसोई गैस सप्लाई में राहत मिलने की उम्मीद है।