ईरान-अमेरिका सीजफायर वार्ता बेनतीजा: 21 घंटे की बातचीत फेल, ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव

रविवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई इस अहम वार्ता में कई मुद्दों पर गहरी असहमति सामने आई।

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  • Publish Date - April 12, 2026 / 02:24 PM IST

इस्लामाबाद (पाकिस्तान): ईरान (Iran) और अमेरिका (United States) के बीच सीजफायर (ceasefire) को लेकर हुई हाई-लेवल (high-level) बातचीत (talks) बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। करीब 21 घंटे तक चली इस लंबी बैठक के बाद भी दोनों देशों के बीच किसी समझौते (agreement) पर सहमति नहीं बन पाई।

रविवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई इस अहम वार्ता में कई मुद्दों पर गहरी असहमति सामने आई। अमेरिका ने तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की बात रखी, जबकि ईरान ने प्रतिबंध हटाने और सुरक्षा की गारंटी जैसी शर्तें सामने रखीं।

अमेरिका की ओर से कहा गया कि उसने अपना अंतिम और सबसे बेहतर प्रस्ताव दिया था, लेकिन ईरान ने उसे स्वीकार नहीं किया। वहीं ईरान का कहना है कि एक ही बैठक में समझौते की उम्मीद नहीं थी और बातचीत आगे भी जारी रह सकती है।

इस बातचीत का मकसद पिछले कुछ समय से चल रहे अस्थायी युद्धविराम को स्थायी बनाना था, लेकिन वार्ता असफल होने से क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ने की आशंका है।

इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका की सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। वहां समुद्री मार्ग को सुरक्षित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की कई सैन्य क्षमताओं को कमजोर किया है और जलमार्ग को खोलने की कोशिश जारी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम में इजरायल (Israel) की भूमिका भी अहम बनी हुई है और लेबनान में जारी तनाव ने भी वार्ता को प्रभावित किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि बातचीत का असफल होना मध्य पूर्व में हालात को और गंभीर बना सकता है, जिसका असर वैश्विक सुरक्षा और तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।