“आज रात पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है”: ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी, तनाव चरम पर

संयुक्त राष्ट्र (UN) महासचिव António Guterres ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि नागरिक ढांचे (Civilian Infrastructure) पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।

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  • Publish Date - April 7, 2026 / 07:31 PM IST

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है और कहा है कि “आज रात पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है” (Civilisation Will Die)। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि वह ऐसा नहीं चाहते, लेकिन “संभव है कि ऐसा हो जाए” (Probably Will)।

ट्रंप ने कहा कि आज की रात दुनिया के इतिहास (World History) के सबसे अहम पलों में से एक हो सकती है, क्योंकि 47 साल से चल रहे “उगाही, भ्रष्टाचार और मौत” (Extortion, Corruption, Death) का अंत हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि “शायद कुछ बेहद सकारात्मक और क्रांतिकारी (Revolutionary) भी हो सकता है”, जिससे बातचीत का रास्ता खुला रहे।

इस बीच रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और क्षेत्रीय देशों के मध्यस्थ 45 दिन के युद्धविराम (Ceasefire) की कोशिश कर रहे हैं, जो आगे स्थायी शांति में बदल सकता है, लेकिन अब तक कोई खास प्रगति नहीं हुई है। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया है कि अमेरिका अपने युद्ध लक्ष्यों (War Objectives) को हासिल कर चुका है और अब अगला कदम ईरान को उठाना है।

ईरान ने भी ट्रंप के बयान पर कड़ा जवाब दिया है। इस्लामिक रिपब्लिक (Islamic Republic) ने कहा कि “आप और आपके सहयोगियों को हमारी प्राचीन सभ्यता से ऐसा जवाब मिलेगा जिसे आप भूल नहीं पाएंगे।” तुर्किये में ईरानी दूतावास ने ट्रंप के बयान को “एक मनोरोगी (Psychopath) की धमकी” बताया और कहा कि इतिहास ने कई हमले देखे हैं, लेकिन ईरान आज भी कायम है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान उनकी तय समयसीमा—मंगलवार रात 8 बजे (EST)—तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को नहीं खोलता है, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों (Electric Plants) और पुलों (Bridges) को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर बमबारी करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संभावित युद्ध अपराध (War Crimes) को लेकर उन्हें “कोई चिंता नहीं” है।

संयुक्त राष्ट्र (UN) महासचिव António Guterres ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि नागरिक ढांचे (Civilian Infrastructure) पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।

उधर ईरान ने युद्धविराम के बजाय पूरे युद्ध के अंत (End of War) की मांग रखी है। वहीं अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में ट्रंप को प्रशासन के भीतर सबसे आक्रामक (Hawkish) नेता बताया गया है। एक अधिकारी ने उन्हें “खून का प्यासा, पागल कुत्ते जैसा” (Bloodthirsty, Mad Dog) तक बताया।

इस बीच होर्मुज के पास स्थित ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर धमाकों की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने वहां सैन्य ठिकानों (Military Targets) पर हमले किए हैं।

स्थिति तेजी से गंभीर होती जा रही है और पूरी दुनिया की नजरें अब इस टकराव पर टिकी हैं, जहां एक छोटी चूक बड़े वैश्विक संकट में बदल सकती है।