हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी टॉरपीडो हमला, 80 नौसैनिकों की मौत, 148 लापता
By : hashtagu, Last Updated : March 4, 2026 | 9:07 pm
By : hashtagu, Last Updated : March 4, 2026 | 9:07 pm
कोलंबो, श्रीलंका: अमेरिका और ईरान (Iran) के बीच जारी युद्ध अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हिंद महासागर में श्रीलंका के तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के नेवी वॉरशिप आईआरआईएस देना (IRIS Dena) पर टॉरपीडो हमला (torpedo attack) कर उसे गहरे समुद्र में डुबो दिया। इस हमले में कम से कम 80 नौसैनिकों की मौत की खबर है। यह युद्धपोत भारत में आयोजित नौसैनिक अभ्यास मिलान 2026 (MILAN 2026) में भाग लेने के बाद अपने देश लौट रहा था।
श्रीलंकाई अधिकारियों के मुताबिक, हमले के बाद समुद्र में बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। अब तक जहाज के 32 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन 148 अन्य नाविक अब भी लापता हैं। अधिकारियों का कहना है कि गहरे समुद्र और विस्फोट की तीव्रता को देखते हुए लापता लोगों के बचने की संभावना बेहद कम है।
अमेरिका ने इस हमले का एक लाइव वीडियो (live video) भी जारी किया है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पनडुब्बी हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि अमेरिका दुनिया के किसी भी कोने में वार करने की क्षमता रखता है। उन्होंने इस कार्रवाई को “क्वाइट डेथ (Quiet Death)” यानी शांत मौत बताया। उनका कहना है कि ईरानी जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में खुद को सुरक्षित समझ रहा था, लेकिन अमेरिकी टॉरपीडो ने उसे सीधे निशाना बनाकर खत्म कर दिया।
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— Department of War 🇺🇸 (@DeptofWar) March 4, 2026
अमेरिकी रक्षा विभाग ने हमले का ब्लैक एंड व्हाइट वीडियो भी जारी किया है। इसमें पनडुब्बी के पेरिस्कोप से दूर समुद्र में होते धमाके को साफ देखा जा सकता है। सैन्य इतिहास में किसी पनडुब्बी हमले के ऐसे रियल-टाइम दृश्य सार्वजनिक करना अभूतपूर्व माना जा रहा है।
इस घटना के बाद हिंद महासागर क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस टकराव पर टिकी है, क्योंकि यह हमला समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।