पीओके में फिर भड़की बगावत: 30 मौतों के दो दिन बाद प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग, 16 और लोगों की मौत

By : hashtagu, Last Updated : June 11, 2026 | 5:00 pm

मुजफ्फराबाद (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर)। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में विरोध प्रदर्शन (Protest), अशांति (Unrest) और सुरक्षा बलों (Security Forces) के साथ टकराव का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 30 से अधिक लोगों की मौत और करीब 200 लोगों के घायल होने की घटना के महज दो दिन बाद एक बार फिर प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी हुई, जिसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई। क्षेत्र में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।

जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। संगठन लंबे समय से क्षेत्र में राजनीतिक अधिकारों, आर्थिक समस्याओं, महंगाई, बेरोजगारी, बिजली संकट और प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन चला रहा है। हालिया घटनाओं के बाद हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं।

रवाकोट और आसपास के इलाकों में शुरू हुए प्रदर्शन हिंसक झड़पों में बदल गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया और गोलीबारी की, जबकि प्रशासन का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने भी हथियारों और पेट्रोल बमों का इस्तेमाल किया। दोनों पक्षों के दावों के बीच मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं।

इससे पहले हुई हिंसा में 30 से अधिक लोगों की जान गई थी और करीब 200 लोग घायल हुए थे। मानवाधिकार संगठनों ने भी हालात पर चिंता जताई है और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने बल प्रयोग, नागरिक मौतों और संचार प्रतिबंधों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

भारत ने भी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इसे पाकिस्तान की नाकामियों को छिपाने का प्रयास बताते हुए क्षेत्र में मानवाधिकारों के सम्मान और जवाबदेही की मांग की है।

27 जुलाई को प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले पीओके में बढ़ता जनाक्रोश पाकिस्तान सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। लगातार हो रही मौतों और विरोध प्रदर्शनों के कारण पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।