खराब सेवा पर एयर इंडिया को देना होगा 1.5 लाख का मुआवज़ा, दिल्ली उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला

By : hashtagu, Last Updated : January 21, 2026 | 5:59 pm

नई दिल्ली, भारत: दिल्ली जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (District Consumer Disputes Redressal Commission) ने एयर इंडिया (Air India) को खराब सेवा (poor service) के मामले में एक पिता और बेटी को कुल 1.5 लाख रुपये मुआवज़ा देने का आदेश दिया है। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि यात्रियों को जिस स्तर की सुविधा मिलनी चाहिए थी, वह उन्हें नहीं दी गई और यह स्पष्ट रूप से सेवा में कमी (deficiency of service) का मामला है।

मामला सितंबर 2023 का है, जब शिकायतकर्ता शैलेन्द्र भटनागर अपनी बेटी के साथ दिल्ली से न्यूयॉर्क और फिर न्यूयॉर्क से दिल्ली (Delhi–New York–Delhi) एयर इंडिया की इकोनॉमी क्लास (economy class) उड़ान से यात्रा कर रहे थे। यात्रियों का आरोप था कि विमान की सीटें टूटी हुई थीं, इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट सिस्टम (in-flight entertainment system) काम नहीं कर रहा था, शौचालय (washroom/toilet) बेहद गंदे थे और खाने की गुणवत्ता (food quality) भी खराब थी। इसके अलावा केबिन क्रू (cabin crew) ने उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया।

आयोग ने माना कि यात्रियों को इस दौरान मानसिक कष्ट (mental agony) और उत्पीड़न (harassment) का सामना करना पड़ा। आयोग ने एयर इंडिया को आदेश दिया कि वह पिता और बेटी को अलग-अलग 50-50 हजार रुपये मुआवज़े के रूप में दे और साथ ही 50 हजार रुपये मुकदमे का खर्च (litigation cost) भी अदा करे। इस तरह कुल मुआवज़ा राशि 1,50,000 रुपये होगी।

एयर इंडिया ने अपने बचाव में कहा कि यात्रियों के आरोप निराधार (unfounded allegations) हैं और उड़ान से पहले विमान की पूरी तकनीकी जांच (technical examination) की गई थी। एयरलाइन ने यह भी दावा किया कि यात्रियों द्वारा अनुचित लाभ (illicit advantage) लेने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, आयोग ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।

आयोग ने अपने आदेश में कहा कि विमानन कंपनियों (airlines) की यह जिम्मेदारी है कि वे यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं (basic amenities) उपलब्ध कराएं। टिकट का भुगतान करने वाला यात्री उपभोक्ता (consumer) होता है और यदि उसे अपेक्षित सेवा नहीं मिलती है, तो उसे मुआवज़ा (compensation) दिया जाना चाहिए।