UGC Regulation 2026 पर मचा घमासान, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बोले– कोई भेदभाव नहीं होगा
By : hashtagu, Last Updated : January 27, 2026 | 8:09 pm
By : hashtagu, Last Updated : January 27, 2026 | 8:09 pm
नई दिल्ली: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग UGC Regulation 2026 को लेकर देशभर में विवाद तेज हो गया है। नए नियमों के खिलाफ छात्रों और कुछ संगठनों के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने सरकार का पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि नए UGC नियमों में किसी भी तरह का भेदभाव (discrimination) नहीं किया जाएगा और कानून का दुरुपयोग (misuse of law) किसी को भी करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता (equity) और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल (safe academic environment) सुनिश्चित करने के लिए लाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की मंशा किसी वर्ग विशेष को निशाना बनाने की नहीं है, बल्कि सभी छात्रों को बराबर अवसर (equal opportunity) देना है।
UGC Regulation 2026 के तहत देश के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में Equal Opportunity Centre, Equity Committee और शिकायत निवारण व्यवस्था (grievance redressal system) को अनिवार्य किया गया है। इन नियमों का उद्देश्य कैंपस में जातिगत भेदभाव (caste-based discrimination) और उत्पीड़न (harassment) को रोकना बताया गया है।
हालांकि नए नियमों को लेकर कई छात्र संगठनों और शिक्षकों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह नियम एकतरफा (one-sided) हैं और इससे सामान्य वर्ग (general category) के छात्रों के साथ अन्याय हो सकता है। इसी वजह से दिल्ली समेत कई राज्यों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन (protest) किए हैं और नियमों को वापस लेने की मांग उठाई है।
धर्मेंद्र प्रधान ने विरोध कर रहे छात्रों को भरोसा दिलाया कि सरकार सभी पक्षों की बात सुनेगी और नियमों को संविधान (Constitution) के दायरे में ही लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए संवाद (dialogue) जरूरी है और किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।