दंतेवाड़ा: लुंगी पहनकर 10KM पैदल चले विधायक, दूरस्थ लावा-पुरेंगल गांव में दी बड़ी सौगातें
By : hashtagu, Last Updated : February 14, 2026 | 2:00 pm
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दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़)। कभी घोर नक्सल प्रभावित और प्रशासनिक पहुंच से दूर रहे बैलाडीला पहाड़ियों के पीछे बसा लावा-पुरेंगल इलाका आज विकास की मुख्यधारा से जुड़ता नजर आ रहा है। शनिवार को दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी (Chaitram Atami) और जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल समेत जनप्रतिनिधियों की पूरी टीम गांव पहुंची। इसके लिए करीब 10 किलोमीटर का पहाड़ी रास्ता पैदल तय किया गया। आजादी के बाद ऐसा पहला मौका है जब अधिकारी या विधायक इस दूरस्थ गांव तक पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।
पहली बार गांव पहुंचे विधायक चैतराम अटामी पारंपरिक लुंगी पहनकर ग्रामीणों से मिले, जिससे स्थानीय लोगों में अपनापन और विश्वास का माहौल बना। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान जरूरतमंद परिवारों को कपड़े, बर्तन और दैनिक उपयोग की सामग्री वितरित की गई। बच्चों को किताबें और शैक्षणिक सामग्री भी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान पेयजल समस्या के समाधान के लिए हैंडपंप स्थापना, सड़क निर्माण और आंगनबाड़ी भवन निर्माण जैसे विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और ग्रामीणों की मांगों का सर्वे कर योजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया शुरू की।
जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल ने बताया कि पहले नक्सल प्रभाव और सुरक्षा कारणों से लावा-पुरेंगल जैसे अंदरूनी क्षेत्रों का दौरा संभव नहीं था। अब हालात तेजी से बदल रहे हैं और विकास की पहुंच अंतिम गांव तक सुनिश्चित की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में पिछले एक वर्ष में सुरक्षाबलों द्वारा नक्सल विरोधी अभियानों को व्यापक स्तर पर चलाया गया है। बड़ी संख्या में माओवादी हथियार सहित आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे हैं और कई को मुठभेड़ों में मार गिराया गया। इसके चलते जिले में सुरक्षा स्थिति मजबूत हुई और दूरस्थ गांवों तक शासन की पहुंच आसान हुई। लावा-पुरेंगल में विधायक और जनप्रतिनिधियों की पैदल यात्रा बदले हालात और ग्रामीणों में भरोसे की वापसी का संकेत है। अब ग्रामीण विकास, संवाद और विश्वास की नई शुरुआत की उम्मीद जता रहे हैं।