एमपी बजट 2026 में ‘द्वारका द्वार योजना’ का बड़ा ऐलान, 4.38 लाख करोड़ का बजट पेश
By : hashtagu, Last Updated : February 18, 2026 | 6:30 pm
भोपाल, 18 फरवरी 2026। मध्य प्रदेश की Mohan Yadav सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4,38,317 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। सरकार ने इसे ‘GYANII बजट’ बताया है, जिसमें गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति, इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) और इंडस्ट्री (Industry) पर विशेष फोकस किया गया है। बजट में राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) लगभग 74 हजार करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया है।
बजट में ‘द्वारका द्वार योजना’ के तहत अगले तीन वर्षों में शहरी अधोसंरचना विकास के लिए 5,000 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की गई है। ‘यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना’ के तहत कक्षा 8 तक के करीब 80 लाख स्कूली बच्चों को टेट्रा पैक में दूध उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के लिए पांच वर्षों में 6,600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें चालू वित्त वर्ष के लिए 700 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
सामाजिक सुरक्षा और गरीब कल्याण योजनाओं के लिए 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट निर्धारित किया गया है। इसमें संबल 2.0, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं शामिल हैं। युवाओं को रोजगार देने के लिए 50,000 सरकारी भर्तियों की घोषणा की गई है, जिनमें पुलिस और शिक्षकों के पद प्रमुख हैं।
VIDEO | Bhopal: Madhya Pradesh Finance Minister Jagdish Devda offers prayers at his residence ahead of presenting the state Budget in the Assembly.#MPBudget #MadhyaPradeshBudget
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvqRQz) pic.twitter.com/TXMHx5keFc
— Press Trust of India (@PTI_News) February 18, 2026
कृषि क्षेत्र के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च का लक्ष्य रखा गया है। सिंचाई क्षमता बढ़ाने, किसान सम्मान निधि जारी रखने और कृषि ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए 19,300 एकड़ भूमि औद्योगिक और आईटी पार्कों के लिए आरक्षित की गई है। सड़कों, ऊर्जा, ग्रामीण विकास और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं।
विपक्ष ने बजट पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बढ़ता हुआ राजकोषीय घाटा राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ा सकता है। कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में बजट की आलोचना करते हुए कहा कि घोषणाएं बड़ी हैं लेकिन जमीनी जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है।
सरकार का दावा है कि यह बजट विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाने वाला है, जबकि विपक्ष इसे आंकड़ों का बजट बता रहा है। आने वाले दिनों में विधानसभा में इस पर विस्तृत चर्चा होगी।




