छत्तीसगढ़ विधानसभा में कस्टोडियल डेथ पर बवाल: 66 बंदियों की मौत का खुलासा, भूपेश बघेल ने कहा ‘सरकारी हत्या’

By : hashtagu, Last Updated : February 26, 2026 | 1:51 pm

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) के बजट सत्र (Budget Session) के चौथे दिन कस्टोडियल डेथ (Custodial Death) का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से गूंजा। प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक राज्य की जेलों में हुई मौतों का मुद्दा उठाया। इस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि इस अवधि में कुल 66 बंदियों की मौत हुई है।

भूपेश बघेल ने मृतकों की नामवार सूची की मांग की और विशेष रूप से जीवन ठाकुर के मामले की जानकारी मांगी। गृह मंत्री ने जवाब में कहा कि जीवन ठाकुर का नाम सूची में शामिल है। उन्होंने बताया कि तबीयत खराब होने के बाद उनका इलाज कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पंकज साहू का मामला निर्धारित अवधि से बाहर का है और उसमें जांच प्रक्रिया नियमानुसार की गई है।

ड्रग मामलों को लेकर भी सदन में बहस हुई। भूपेश बघेल ने 282 ड्रग प्रकरणों की सूची में नाव्या मलिक का नाम नहीं होने पर सवाल उठाया और उसके कथित विदेशी कनेक्शन की जानकारी मांगी। इस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि 282 मामलों में से 206 मामलों में चालान पेश किया जा चुका है और कुल 662 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने कहा कि संबंधित नाम के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

कस्टोडियल डेथ के मुद्दे पर सदन में हंगामा भी हुआ। कांग्रेस विधायक सावित्री मण्डावी ने गिरफ्तारी की संख्या और जेल स्थानांतरण की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि 8 लोगों की गिरफ्तारी की गई है और नियमानुसार उनके परिवारों को सूचना दी गई है।

भूपेश बघेल ने मजिस्ट्रेट जांच पर असंतोष जताते हुए विधानसभा समिति से जांच कराने की मांग की। उन्होंने जीवन ठाकुर की मौत को ‘सरकारी हत्या’ करार देते हुए आरोप लगाया कि एक आदिवासी नेता को तिल-तिल कर मारा गया। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में नारेबाजी की और वॉकआउट कर दिया।