जस्टिस यशवंत वर्मा ने राष्ट्रपति को सौंपा इस्तीफा, कैश बरामदगी के बाद महाभियोग प्रक्रिया थमी
By : hashtagu, Last Updated : April 10, 2026 | 12:40 pm
दिल्ली: इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा (Justice Yashwant Varma) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Droupadi Murmu) को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। यह कदम उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास से भारी मात्रा में नकदी (cash) बरामद होने के बाद शुरू हुई महाभियोग (impeachment) प्रक्रिया के बीच उठाया गया है।
अपने इस्तीफे में जस्टिस वर्मा ने लिखा, “मैं अपने त्यागपत्र के कारणों से आपके कार्यालय को बोझिल नहीं करना चाहता, परंतु अत्यंत पीड़ा के साथ मैं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देता हूं।”
उनके इस्तीफे के साथ ही उन्हें हटाने के लिए चल रही महाभियोग प्रक्रिया अब समाप्त मानी जा रही है। लोकसभा सचिवालय (Lok Sabha Secretariat) के सूत्रों के अनुसार, इस्तीफे के बाद इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की आवश्यकता नहीं रह गई है।
यह पूरा मामला 14 मार्च 2025 को सामने आया था, जब दिल्ली के लुटियंस क्षेत्र स्थित उनके आधिकारिक आवास के सर्वेंट क्वार्टर के पास बने एक स्टोर रूम से जली हुई नकदी बरामद हुई थी। उस समय जस्टिस वर्मा और उनकी पत्नी भोपाल में थे।
इसके एक सप्ताह बाद, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इस मामले की आंतरिक जांच (in-house inquiry) के लिए तीन जजों की कमेटी बनाई थी। 4 मई को इस पैनल ने अपनी रिपोर्ट तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना (Chief Justice Sanjiv Khanna) को सौंप दी थी।



