स्कूल चलें हम अभियान 2026 की शुरुआत, सीएम मोहन यादव बोले- मध्यप्रदेश में ड्रॉपआउट रेट शून्य, सरकारी स्कूलों में बढ़ा भरोसा

By : hashtagu, Last Updated : June 18, 2026 | 8:23 pm

भोपाल। मध्यप्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ‘स्कूल चलें हम’ अभियान और प्रवेशोत्सव (Praveshotsav) 2026 का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अवसर पर विद्यार्थियों से संवाद (Interaction) किया और शिक्षा (Education) को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट रेट (Dropout Rate) शून्य हो गया है, जो शिक्षा विभाग, शिक्षकों और अभिभावकों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने भोपाल के मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल से राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव की शुरुआत की। इस दौरान विद्यार्थियों को निशुल्क साइकिल, पाठ्यपुस्तकें और अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। उन्होंने बच्चों और अभिभावकों से सीधे संवाद किया तथा शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में स्कूल नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 के दौरान कुल नामांकन में 19.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि सरकारी स्कूलों में नामांकन 32.4 प्रतिशत तक बढ़ा है। उन्होंने इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते जनविश्वास का संकेत बताया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य इस सत्र में 1.45 करोड़ विद्यार्थियों का नामांकन सुनिश्चित करना है। इसके लिए प्रदेश के 55 जिलों और 50 हजार से अधिक गांवों में अभियान चलाया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। अभियान के तहत 5.6 करोड़ से अधिक पाठ्यपुस्तकों, कार्यपुस्तिकाओं और ब्रिज कोर्स सामग्री का वितरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्थापित संदीपनि विद्यालय और पीएम श्री स्कूल आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। इन स्कूलों में खेल मैदान, पुस्तकालय और बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि कई विद्यार्थी निजी स्कूलों से निकलकर अब सरकारी स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय भाषाओं में भी पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में 55 लाख विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जा चुकी है। वहीं मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप, साइकिल और स्कूटी जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 1,913 छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं, जिनकी क्षमता लगभग 95 हजार विद्यार्थियों की है। इसके अलावा जनजातीय कार्य विभाग के 25,439 स्कूलों में 20 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 76,325 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। कक्षा पहली, छठवीं और नौवीं में प्रवेश प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को स्कूलों से जोड़ा जा सके।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिक्षकों, अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को स्कूल जाने, पढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए।